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पाकिस्तानी गोलाबारी से पढ़ाई में पिछड़ रहे बच्चे, जंग जैसे हालात की सीख चुके हैं ABCD...

Mon, 20 Nov 2017 01:42 PM IST
राकेश भट्ट, अमर उजाला, जम्मू
राकेश भट्ट, अमर उजाला, जम्मू Updated Mon, 20 Nov 2017 01:42 PM IST
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Child education disturbed in jammu and kashmir due to ceasefire violation by Pakistan

मैडम कल पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग होगी, स्कूल आना है या नहीं। अब काफी दिनों से पाकिस्तान 120 एमएम मोर्टार ही दाग रहा है। यह कोई इंटेलीजेंस रिपोर्ट पर शिक्षकों से बच्चों के किए सवाल नहीं, बल्कि पुंछ सीमा पर बने स्कूलों के मासूम बच्चे रोज-रोज के अनुभव के आधार पर ऐसा अनुमान लगा लेते है, जो कि अधिकांश सही भी साबित होते हैं।

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जम्मू से 250 किलोमीटर दूर रावलकोट सीमा का अंतिम गवर्नमेंट मिडिल स्कूल फकीरदर्रा। यहां हम शनिवार को सुबह 11 बजे पहुंचे तो बारिश के कारण स्कूल की छुट्टी इसलिए कर दी गई, क्योंकि गोलाबारी से ध्वस्त कक्षाओं की छतों के लेंटर और दीवारों में बड़े-बड़े छेद हैं, जिनसे बारिश का पानी सीधा कक्षाओं में गिरता है।
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स्कूल की अध्यापिका परमजीत कौर ने बताया कि वीरवार को बच्चों ने कहा था कि मैडम कल पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करेगा। मैंने पूछा तुम्हें कैसे पता चला तो उन्होंने बताया सेना की मूवमेंट और अन्य कारणों से आभास हो जाता है। हमें बताया गया था कि बराबर में स्थित क्रास एलओसी ट्रेड सेंटर पर पाक से कारोबार शुरू हो जाने पर अब गोलाबारी नहीं होगी, ऐसे में हम क्षतिग्रस्त हुए स्कूल की मरम्मत करा सकते हैं।
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ताज्जुब है ना बच्चों की बात सही निकली और शुक्रवार को काफी दिनों बाद गोलाबारी हुई और करीब सौ गोले पुंछ के सीमावर्ती इलाकों में गिरे। हमें साल में औसतन 80 से लेकर 100 दिनों तक गोलाबारी के कारण अवकाश रखना पड़ता है, लेकिन बच्चे अब गोलाबारी से भयभीत नहीं होते। शायद इसलिए कहा जाता है कि डर के आगे जीत है।

Child education disturbed in jammu and kashmir due to ceasefire violation by Pakistan

पुंछ में भारत-पाक सीमा पर अंतिम स्कूल के बच्चे टक की आवाज के साथ बताते हैं कितने एमएम का गोला दागा। स्कूल से लौट रहे चौथी कक्षा के अशरफ ने जो बताया उससे तो लगा कि हम किसी रक्षा विशेषज्ञ से बात कर रहे हैं। उसने बताया कि इस साल अब 120 एमएम मोर्टार से ही गोले दागे जा रहे हैं।

इसका कैलिबर करीब 4 किलो का होता है, जबकि 82 एमएम का सिर्फ आधा किलो का। फकीरदर्रा के रहमान ने कहा कि प्रतिदिन की फायरिंग और गोलाबारी का सरकार को समाधान निकालना चाहिए। शाहपुर का हसन तो मोर्टार छोड़ने के साथ ही बता देता है कि अगले दो मिनट में वह कहां गिरेगा। शुक्रवार को गोलाबारी के बाद क्रास एलओसी ट्रेड सेंटर पर व्यापार फिर बंद हो गया। यहां वीरवार को पाक से कुछ ट्रक आए थे। आज यह सेंटर बंद था।

Child education disturbed in jammu and kashmir due to ceasefire violation by Pakistan

पुंछ से करीब सौ किलोमीटर पहले भी नौशेरा पाक बॉर्डर पर युद्धविराम का उल्लंघन रोज की बात है। यहां के निवासी राजू बताते हैं कि उनका भतीजा मोर्टार चलने के साथ ही बता देता है कि लगता है आज भी इन्होंने 120 एमएम मोर्टार छोड़ा है। अब तो मल्टी मोर्टार से शैलिंग की जाने लगी है।

पुंछ में बोली जाती हैं पांच अन्य भाषाएं
रियासत में अकेला पुंछ जिला ऐसा है जहां पर हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू जरूरत के अनुसार बोले जाने के अलावा मुख्य रूप से पांच भाषाएं बोली जाती हैं। इसमें पहाड़ी, गोजरी, पुंछी, कश्मीरी और डोगरी शामिल है।

शार्प शूटर्स का ढूंढा जा रहा तोड़
सीमा पर पाकिस्तान की तरफ ऊंचाई पर तैनात किए गए शार्प शूटर्स के स्नाइपर शाट का तोड़ भारतीय सेना द्वारा ढूंढा जा रहा है। दरअसल, शार्प शूटर द्वारा इस्तेमाल की जा रही चायनीज गन की रेंज करीब दो किलोमीटर तक होने पर सीमा पर तैनात पोस्ट से हमारे सैनिकों की मूवमेंट प्रभावित हो रही है। इससे पाक सीमा से आतंकियों को घुसपैठ कराने में उन्हें मदद मिलती है। हालांकि पुंछ जिले की पाक सीमा से सटी 103 किमी की सीमा पर फेंसिंग से ऐसा अब आसान नहीं रहा है।

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