जम्मू। नहाय-खाए के साथ शुरू हुआ सूर्य आराधना के छठ महापर्व में मंगलवार को खरना हुआ। बुधवार को छठ का मुख्य आयोजन होगा, जिसमें व्रती अस्ताचलगामी (डूबते सूर्य) को अर्घ्य देंगे। शहर के बिक्रम चौक स्थित तवी नदी, गंग्याल, बाड़ी ब्राह्मणा, सांबा और कठुआ में नहर किनारे बड़ी संख्या में व्रती सूर्य को अर्घ्य देेंगे।
मंगलवार को बिक्रम स्थित तवी नदी के किनारे साफ-सफाई की गई। व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए कीचड़ वाले स्थानों पर रेता डाला गया। मंगलवार को छन्नी चौक में लगे बाजारों में काफी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचे। लोग पूजन सामग्री, फल अन्य सामान की खरीदारी करने में व्यस्त रहे। जगह-जगह कतारी, सूप-दउरा, पूजन सामग्री आदि की दुकानें सोमवार से ही सज गई थीं। खरना में दिनभर व्रत किया और शाम को गुड़ से बनी खीर व रोटी को केले के पत्ते पर रखकर प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया। इसके बाद से 36 घंटे के निर्जला उपवास शुरू हुआ। वीरवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का समापन होगा। शहर से सटे औद्योगिक क्षेत्र गंग्याल, बाड़ी ब्राह्मणा में मंगलवार को त्यौहार की रौनक देखते ही बनती थी। बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके लिए तवी नदी के किनारे व्यवस्था पूरी कर ली गई है।