{"_id":"57a4d56d4f1c1bda762bc35c","slug":"chari-mubarak-will-reach-amarnath-on18","type":"story","status":"publish","title_hn":"छड़ी मुबारक 18 अगस्त को पहुंचेगी पवित्र गुफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छड़ी मुबारक 18 अगस्त को पहुंचेगी पवित्र गुफा
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Fri, 05 Aug 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
पूजा अर्चना करते साधू-संत
- फोटो : Amar Ujala
अमरनाथ यात्रा से जुड़ी ‘छड़ी मुबारक’ की कड़ी में शुक्रवार सुबह श्रीनगर के अमरेश्वर मंदिर में पारंपरिक ‘छड़ी स्थापना’ की रस्म पूरी हुई।
दशनामी अखाड़ा के महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधु-संतों ने भगवान शिव के जयघोषों और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बुदशाह चौक में अखाड़ा भवन स्थित श्री अमरेश्वर मंदिर में छड़ी स्थापित की।
अखाड़ा के महंत दीपेंद्र गिरि द्वारा स्थापित ट्रू ट्रस्ट के प्रवक्ता ने बताया कि मंदिर में छड़ी मुबारक के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां रविवार को नागपंचमी के दिन पारंपरिक छड़ी पूजन का आयोजन होगा। इसके बाद प्रसिद्ध मंदिरों और पहलगाम ट्रैक की ओर प्रस्थान करती हुई छड़ी मुबारक रक्षाबंधन पर पवित्र गुफा में पहुंचेगी।
विज्ञापन
दक्षिणी कश्मीर में श्रीनगर से 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा के लिए छड़ी मुबारक पहलगाम, चंदनबाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होती हुई पवित्र गुफा तक पहुंचेगी। 18 अगस्त को रक्षाबंधन एवं श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र गुफा में यात्रा की समाप्ति पर पूजा अर्चना की जाएगी।
विज्ञापन
दशनामी अखाड़ा के महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधु-संतों ने भगवान शिव के जयघोषों और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बुदशाह चौक में अखाड़ा भवन स्थित श्री अमरेश्वर मंदिर में छड़ी स्थापित की।
विज्ञापन
अखाड़ा के महंत दीपेंद्र गिरि द्वारा स्थापित ट्रू ट्रस्ट के प्रवक्ता ने बताया कि मंदिर में छड़ी मुबारक के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां रविवार को नागपंचमी के दिन पारंपरिक छड़ी पूजन का आयोजन होगा। इसके बाद प्रसिद्ध मंदिरों और पहलगाम ट्रैक की ओर प्रस्थान करती हुई छड़ी मुबारक रक्षाबंधन पर पवित्र गुफा में पहुंचेगी।
विज्ञापन
दक्षिणी कश्मीर में श्रीनगर से 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा के लिए छड़ी मुबारक पहलगाम, चंदनबाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होती हुई पवित्र गुफा तक पहुंचेगी। 18 अगस्त को रक्षाबंधन एवं श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र गुफा में यात्रा की समाप्ति पर पूजा अर्चना की जाएगी।