पुनर्वास घोटाले में 68 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन साल पहले पुनर्वास घोटाले में विजिलेंस ने श्रीनगर म्युनिसिपल कारपोरेशन (एसएमसी) के चार अधिकारियों समेत 68 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। स्टेट विजिलेंस आर्गेनाइजेशन के प्रवक्ता के अनुसार चार्जशीट स्पेशल जज एंटी करप्शन के कार्यालय में दाखिल की गई है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में 2012 में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में यह बात सामने आई कि एसएमसी के कुछ अधिकारियों ने हजौरी बाग सी ब्लाक में अपात्र लोगों को पैसे लेकर दुकानें आवंटित कर दीं।
जांच में तत्कालीन असिस्टेंट रेवन्यू आफिसर एबी रहमान टपलू, वार्ड आफिसर लाल चौक फारूक अहमद मीर, वार्ड आफिसर जवाहर नगर गुलाम मोहिदीन मिसगर तथा तत्कालीन टीजीआर असिस्टेंट अब्दुल अजीज पीर ने 120 विस्थापित दुकानदारों की फर्जी सूची तैयार की ताकि उन्हें सी ब्लाक में दुकान आवंटित की जा सके।
ऐसे भी नाम जो विस्थापन के समय पैदा नहीं हुए थे
यह सूची ब्रोकर जहूर अहमद वानी तथा मुश्ताक अहमद काक की मिलीभगत से आपराधिक षडयंत्र के तहत तैयार की गई। जांच में यह भी पाया गया कि इन 120 लोगों का कोई रिकार्ड एसएमसी में नहीं है जिनके पास 1993 में कोई दुकान, खोखा रहा हो जब उन्हें विस्थापित किया गया।
यह पाया गया कि इन 120 लोगों में से किसी ने भी किराया, टैक्स आदि जमा नहीं किया है। प्रवक्ता ने बताया कि रिकार्ड के अनुसार यह स्थापित नहीं हो पाया कि इनकी दुकानें गिराई गई या इन्हें विस्थापित किया गया।
यह भी पाया गया कि कुछ लाभार्थी तो 1993 में पैदा भी नहीं हुए थे और कई उस समय स्कूल जा रहे थे। प्रवक्ता ने बताया कि फर्जी सूची में कुछ सरकारी, बैंक तथा हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के कर्मचारियों के नाम भी थे।