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Jammu News: अधिक बिलिंग का मुद्दा उठाया, 65 हजार का बिल 20 हजार कराया
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चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के पदाधिकारियों ने जम्मू पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेपीडीसी
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जम्मू। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों ने जम्मू पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेपीडीसी) के प्रबंध निदेशक शिव अनंत तयाल से मुलाकात कर अधिक बिजली बिलों का मुद्दा उठाया। एक उपभोक्ता के 65 हजार रुपये के बिल को दुरुस्त करवा 20 हजार रुपये कराया। साथ ही मांग की कि जब तक अधिक बिलिंग की शिकायतों का हल नहीं होता, तब तक स्मार्ट या प्रीपेड मीटर न लगाएं।
अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाना बहुत जरूरी हो तो पहले उपभोक्ता को सूचित किया जाए। विभाग की ओर से जांचे मीटर का टैग मालिक को दिखाएं। मीटर घर के परिसर में मध्यम ऊंचाई पर लगाया जाए। इससे पहले पिछले बिलों का क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी हो। नए व मौजूदा मीटरों की रीडिंग बताई जाए। सरकार 15 प्रतिशत बिजली शुल्क समाप्त कर रही है, तो इसका लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाए। उन्होेंने कहा कि आरएसपुरा (सुंदरपुर) की औद्योगिक इकाइयों को 33 केवीए मीरां साहिब से बिजली बंद होने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली शटडाउन की व्यवस्था 11 केवीए स्टेशन सुंदरपुर से की जाए।
इस मौके उन्होंने एक उपभोक्ता का हवाला देते बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उसका करीब 900 प्रति माह बिल आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद 65000 हजार रुपये का बिल मिला है। इस पर प्रबंध निदेशक ने उक्त बिल का सत्यापन कराया। विभाग ने स्पष्ट किया कि बिल गलती से उत्पन्न हुआ है। मौके पर ही बिल को सही कर 65000 से 20000 किया गया। गुप्ता ने कहा कि ऐसे कई मामले हैं, जिन्हें विभाग जल्द सत्यापित करे। इस दौरान अनिल गुप्ता, राजीव गुप्ता, मनीष गुप्ता, राजेश गुप्ता, राजेश गुप्ता मौजूद रहे।
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अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाना बहुत जरूरी हो तो पहले उपभोक्ता को सूचित किया जाए। विभाग की ओर से जांचे मीटर का टैग मालिक को दिखाएं। मीटर घर के परिसर में मध्यम ऊंचाई पर लगाया जाए। इससे पहले पिछले बिलों का क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी हो। नए व मौजूदा मीटरों की रीडिंग बताई जाए। सरकार 15 प्रतिशत बिजली शुल्क समाप्त कर रही है, तो इसका लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाए। उन्होेंने कहा कि आरएसपुरा (सुंदरपुर) की औद्योगिक इकाइयों को 33 केवीए मीरां साहिब से बिजली बंद होने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली शटडाउन की व्यवस्था 11 केवीए स्टेशन सुंदरपुर से की जाए।
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इस मौके उन्होंने एक उपभोक्ता का हवाला देते बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उसका करीब 900 प्रति माह बिल आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद 65000 हजार रुपये का बिल मिला है। इस पर प्रबंध निदेशक ने उक्त बिल का सत्यापन कराया। विभाग ने स्पष्ट किया कि बिल गलती से उत्पन्न हुआ है। मौके पर ही बिल को सही कर 65000 से 20000 किया गया। गुप्ता ने कहा कि ऐसे कई मामले हैं, जिन्हें विभाग जल्द सत्यापित करे। इस दौरान अनिल गुप्ता, राजीव गुप्ता, मनीष गुप्ता, राजेश गुप्ता, राजेश गुप्ता मौजूद रहे।
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