शारिका भवानी मंदिर पहुंची छड़ी मुबारक यात्रा
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पवित्र अमरनाथ छड़ी को आज श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़े से पूजन के लिए शारिका भवानी मंदिर ले जाया गया। यहां पूजा के बाद शाम को छड़ी वापस अखाड़े लाया गया। छड़ी को छह अगस्त को पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए रवाना किया जाएगा।
श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन वाले दिन यह बाबा बर्फानी की गुफा में पहुंचेगी। इसी दिन श्री अमरनाथ यात्रा के तहत हिमलिंग के आखिरी दर्शन होंगे।
दशनामी अखाडे़ के अनुसार महंत देपेंद्र गिरी के नेतृत्व में पवित्र छड़ी को सुबह छह बजे पूजा के लिए श्रीनगर के शारिका पीठ मंदिर ले जाया गया। इसमें बड़ी संख्या में साधु और पर्यटक शामिल हुए।
जम्मू-कश्मीर में शांति की दुआ मांगी गई
छड़ी की सुरक्षा के लिए पुलिस तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का एक दल उसके साथ था। पूजा के दौरान जम्मू-कश्मीर में शांति की दुआ की गई। महंत के अनुसार 30 जुलाई को दशनामी अखाड़े में छड़ी स्थापना तथा ध्वजारोहण कार्यक्रम है।
पहली अगस्त को अखाड़े में ही छड़ी की परंपरागत तरीके से पूजा की जाएगी। 6 अगस्त यानी दशमी को पवित्र छड़ी का अमरनाथ गुफा के लिए सफर शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि पूजा के बाद छड़ी को साधुओं की मंडली के साथ पहलगाम के लिए रवाना किया जाएगा। रास्ते में पड़ने वाले कई मंदिरों में इसे कुछ समय के लिए रखे जाने का कार्यक्रम है।
लिद्दर नदी के किनारे पूजन और विसर्जन
पहलगाम में एक दिन ठहरने के बाद छड़ी को 7 अगस्त को चंदनबाड़ी ले जाया जाएगा। यहां रात्रि विश्राम होगा। अगले दिन आठ अगस्त को इसे शेषनाग के लिए रवाना किया जाएगा। 9 अगस्त को साधुओं का दल छड़ी को पंचतरणी ले जाएगा।
पंचतरणी में रात्रि विश्राम के बाद 10 अगस्त श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन वाले दिन इसे पवित्र गुफा की ओर ले जाया जाएगा। इसी दिन इस साल की वार्षिक अमरनाथ यात्रा के आखिरी दर्शन होंगे।
शाम को छड़ी वापस पहलगाम के लिए रवाना होगी। 12 अगस्त के दिन लिद्दर नदी के किनारे पूजन तथा विसर्जन होगा। इसके साथ ही श्री अमरनाथ यात्रा समाप्त हो जाएगी।