1 लाख करोड़ से कश्मीरियों को खरीदना चाहती है दिल्ली: उमर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जम्मू कश्मीर के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि प्रधानमंत्री जम्मू कश्मीर के लिए एक लाख करोड़ के मेगा पैकेज की घोषणा कर सकते है।
केंद्र के इस पैकेज पर कई पार्टियों ने सवाल उठाने शुरु कर दिए है। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, 'केंद्र 1 लाख करोड़ से कश्मीरियों को खरीदना चाहता है ।'
उमर ने ट्विटर पर कहा कि मोदी के डेवलपमेंट पैकेज का बेसब्री से इंतजार है। सुनकर अच्छा लगा कि प्रधानमंत्री एक लाख करोड़ का वित्तीय पैकेज लेकर आ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्व सरकार के 44000 करोड़ रुपये बाढ़ राहत पैकेज में से 40000 करोड़ रुपये तथा 10 से 15 लाख बेरोजगार युवाओं के लिए जॉब की घोषणा करेंगे।
पैकेज का मकसद कश्मीरियों की निष्ठा हासिल करना
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस मेगा पैकेज का स्पष्ट मकसद कश्मीरियों की निष्ठा हासिल करना लग रहा है। उमर ने कहा 'वे सोचते हैं कि एक लाख करोड़ देकर वे कश्मीर के लोगों का दिल जीत लेंगे जैसा उन्होंने बख्शी गुलाम मुहम्मद के समय में किया था।
शेर-ए-कश्मीर शेख मुहम्मद अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया था और यह सोचकर बख्शी गुलाम मुहम्मद को काफी धन दिया गया था कि कश्मीरी अपने मूल्यों और सम्मान को बेच देंगे। कश्मीरियों ने न तो उस वक्त अपना ईमान बेचा था और न ही अब वह ऐसा करेंगे।'
वहीं अब्दुल्ला ने कहा है कि पीडीपी-भाजपा गठबंधन के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि गठबंधन सरकार में मतभेद है। यदि किसी को सबूत चाहिए तो दिल्ली में आयोजित मुख्यमंत्री की इफ्तार पार्टी का ले सकते हैं, जिसमें कोई भी भाजपा का केंद्रीय मंत्री शामिल नहीं हुआ।
विचारों की लडाई लड़ने वाले मुफ्ती आज चुप क्यों हैं?
उन्होंने शहीदी दिवस कार्यक्रम से भाजपा मंत्रियों के गायब रहने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सवाल पीडीपी से पूछा जाना चाहिए, जिन्होंने भाजपा के लिए यहां के दरवाजे खोले।
उन्होंने शुरू में ही कहा था कि भाजपा का सत्ता में आना राज्य के लिए खतरा है। यदि वे सत्ता के भूखे होते तो भाजपा उनसे हाथ मिलाने को तैयार बैठी थी।
पीडीपी पर निशाना साधते हुए उमर ने कहा कि मैं आश्चर्य चकित हूं कि विचारों की लडाई लड़ने वाले मुफ्ती आज चुप क्यों हैं? आज जब अलगाववादी नेताओं को या तो बंदी बना दिया गया है या फिर वे अपने घरों ने नजरबंद। मुझे आश्चर्य है कि मेरी सरकार के समय शोर मचाने वाली महबूबा मुफ्ती चुप क्यों हैं।