जम्मू कश्मीर में अफस्पा पर केंद्र ही करेगा अंतिम फैसला
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राज्यपाल एनएन वोहरा के अभिभाषण में भाजपा-पीडीपी सरकार के विकास एजेंडे का रोडमैप दिखा। गठबंधन सरकार की भावी रणनीति का खुलासा करते हुए गवर्नर ने कहा कि अफस्पा की वापसी पर अंतिम फैसला केंद्र करेगा।
वैसे रियासत सरकार ने इस कानून की जरूरत की समीक्षा का ऐलान किया है। रियासत में वर्तमान समय में लागू सभी विशेष कानूनों की समीक्षा के बाद उसकी जरूरत के बारे में निर्णय लिया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि रियासत में हालात सुधर रहे हैं। हाल के दिनों में सुरक्षा के माहौल में प्रगतिशील सुधार नजर आया है। अवाम के आत्मविश्वास को और मजबूत करने के लिए गठबंधन सरकार प्रतिबद्ध है।
वैसा माहौल तैयार करना है जिसमें अवाम को अमन और सामान्य स्थिति का अहसास हो सके और वे इसका पूरा फायदा उठा सकें। गठबंधन सरकार बार्डर पर रहने वालों की दिक्कतों को शिद्दत से महसूस करते हुए निराकरण का भी प्रयास करेगी।
सेना के अवैध कब्जे की जमीन वापस ली जाएगी
विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल वोहरा ने कहा कि रियासत सरकार सुरक्षा स्थिति की विस्तृत समीक्षा करेगी। इस क्रम में वैसे सभी विशेष कानूनों की समीक्षा होगी जो वर्तमान में रियासत में लागू हैं।
यह देखा जाएगा कि इनकी कितनी जरूरत है। हालात में हो रहे सुधार के मद्देनजर सरकार उन क्षेत्रों की पहचान करेगी जहां अफस्पा की जरूरत नहीं है। कुछ अशांत क्षेत्रों को डिनोटिफाई करने की जरूरत की समीक्षा होगी।
इससे केंद्र सरकार को उन क्षेत्रों से अफस्पा हटाने के बारे में निर्णय लेने में सहूलियत होगी। राज्यपाल के अभिभाषण में महत्वपूर्ण कदम की चर्चा करते हुए कहा गया है कि सेना से उनके अवैध कब्जे वाली जमीन वापस ली जाएगी।
सुरक्षा बलों को जो जमीन लीज पर दी गई है वह उनके पास रहेगी। भूमि अधिग्रहण और लाइसेंस के आधार पर दी गई जमीन पर भी असर नहीं पड़ेगा, लेकिन, इसके अलावा अन्य श्रेणी की जमीन उसके मालिकों को वापस की जाएगी।