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जम्मू-कश्मीर में अब होगी बंदरों की जनगणना

Sun, 12 Jul 2015 11:07 AM IST
Updated Sun, 12 Jul 2015 11:07 AM IST
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census of monkeys would held in jammu and kashmir

जम्मू-कश्मीर में जल्द ही बीट ट्रैक विधि से बंदरों की गिनती होगी। हिमाचल में पहली बार हेड काउंटिंग की जगह नई बीट ट्रैक विधि प्रयोग में लाई गई है। ऐसा करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य भी बन गया है।

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तीन दिन के सर्वे के बाद इसी महीने 5 जुलाई को फॉरेस्ट गार्डों ने रेंज अफसरों को डाटा सौंपा है। बंदरों की इस वैज्ञानिक गणना के सभी नतीजे सोमवार तक सीसीएफ तक पहुंचेंगे, जिन्हें 17 जुलाई तक पीसीसीएफ कार्यालय को मुहैया करा दिया जाएगा।
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वन विभाग के अफसरों का दावा है कि किसी भी राज्य में इस तकनीक का प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। अफसरों की मानें तो इस तकनीक के प्रयोग से सही डाटा मिलने की उम्मीद है।
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ऐसे की जा रही मैपिंग

census of monkeys would held in jammu and kashmir

इससे पहले परंपरागत विधि से लिए गए आंकड़ों में दोहराव की समस्या बनी रहती थी। हिमाचल में नई तकनीक से बंदरों की गिनती का काम पूरा करने के बाद बंगलूरू से आई विशेषज्ञों की टीम जम्मू-कश्मीर का रुख करेगी।

हिमाचल में बंदरों की गणना के लिए बीट में तीन ट्रैक इस्तेमाल किए गए थे। अलग-अलग वक्त, अलग-अलग दलों ने अलग-अलग जगहों पर बंदरों को स्पॉट किया। अब मैपिंग का कार्य चल रहा है। तकनीक के बेहतर प्रयोग और सॉफ्टवेयर में डाटा फीड करने के लिए बंगलूरू से विशेषज्ञ हिमाचल पहुंचे हैं।  

बंदरों की मैपिंग का फार्मेट भी इस बार अलग है। इसके लिए शहर, गांव, जंगल, मंदिर और सड़क किनारे यह पांच स्पॉट अलग से दिए गए हैं। बंदरों को भी मेल, फीमेल, नवजात में बांटकर मैपिंग की जा रही है।

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