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जानें जम्मू-कश्मीर में अस्थायी कर्मचारियों ने क्यों किया सांसद जुगल किशोर के आवास का घेराव
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सांसद जुगल किशोर के गांधीनगर स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन करते विभिन्न विभागों के अस्थायी कर्मचा
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जम्मू। मांगों को लेकर 32 दिनों से हड़ताल कर रहे विभिन्न विभागों के अस्थायी कर्मचारियों ने मंगलवार को सांसद जुगल किशोर के आवास का घेराव किया। गांधीनगर स्थित जुगल किशोर के आवास के बाहर सुबह 9:45 बजे ऑल डिपार्टमेंट कैजुअल लेबर फ्रंट के 300 से ज्यादा सदस्यों ने जमकर नारेबाजी कर स्थायी नियुक्ति मांगी।
प्रदर्शन कर रहे अस्थायी कर्मचारियों ने कहा कि 32 दिन उनकी हड़ताल को हो गए हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गौर नहीं हो रहा है। इससे वे परेशान हैं। हमारी समस्याओं का निदान किया जाए। कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए सांसद जुगल किशोर भी घर से बाहर आ गए उनके मिले। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मांगों को पूरा करने के संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से संपर्क किया जाएगा, ताकि समस्याओं का निदान हो सके। इसके बाद अस्थायी कर्मचारी वापस आ गए।
उधर, मंगलवार को अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल 32वें दिन में प्रवेश कर गई। लोक निर्माण विभाग, विद्युत निगम, जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ऑल डिपार्टमेंट केजुअल लेवर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि अधिकारियों ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। मजबूर कर्मचारियों को सांसद का घेराव करना पड़ा है। अगर जल्द मांगों को नहीं माना गया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि अस्थायी कर्मचारियों को जल्द नियमित किया जाए। न्यूनतम वेतनमान के साथ हर माह वेतन जारी किया जाए।
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शहर के इन इलाकों में पेयजल किल्लत
जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। शहर के गंग्याल, नरवाल, सुजवां, सिदड़ा, बठिंडी, सैनिक कॉलोनी, तालाब तिल्लो, जानीपुर, रूप नगर, तोप शेरखानिया, मुट्ठी, रूप नगर में पानी की समस्या पेश आई।
20-20 घंटे लिया जा रहा काम, आज स्थायी कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन
जलशक्ति विभाग के स्थायी कर्मचारी भी अस्थायी कर्मचारियों के पक्ष में बुधवार को प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे 20-20 घंटे हर रोज काम लिया जा रहा है। इस कारण उन्हें सेवाएं देना मुश्किल हो रहा है। जल्द से जल्द अस्थायी कर्मचारियों की मांगों का हल किया जाए।
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प्रदर्शन कर रहे अस्थायी कर्मचारियों ने कहा कि 32 दिन उनकी हड़ताल को हो गए हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गौर नहीं हो रहा है। इससे वे परेशान हैं। हमारी समस्याओं का निदान किया जाए। कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए सांसद जुगल किशोर भी घर से बाहर आ गए उनके मिले। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मांगों को पूरा करने के संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से संपर्क किया जाएगा, ताकि समस्याओं का निदान हो सके। इसके बाद अस्थायी कर्मचारी वापस आ गए।
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उधर, मंगलवार को अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल 32वें दिन में प्रवेश कर गई। लोक निर्माण विभाग, विद्युत निगम, जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ऑल डिपार्टमेंट केजुअल लेवर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि अधिकारियों ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। मजबूर कर्मचारियों को सांसद का घेराव करना पड़ा है। अगर जल्द मांगों को नहीं माना गया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि अस्थायी कर्मचारियों को जल्द नियमित किया जाए। न्यूनतम वेतनमान के साथ हर माह वेतन जारी किया जाए।
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शहर के इन इलाकों में पेयजल किल्लत
जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। शहर के गंग्याल, नरवाल, सुजवां, सिदड़ा, बठिंडी, सैनिक कॉलोनी, तालाब तिल्लो, जानीपुर, रूप नगर, तोप शेरखानिया, मुट्ठी, रूप नगर में पानी की समस्या पेश आई।
20-20 घंटे लिया जा रहा काम, आज स्थायी कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन
जलशक्ति विभाग के स्थायी कर्मचारी भी अस्थायी कर्मचारियों के पक्ष में बुधवार को प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे 20-20 घंटे हर रोज काम लिया जा रहा है। इस कारण उन्हें सेवाएं देना मुश्किल हो रहा है। जल्द से जल्द अस्थायी कर्मचारियों की मांगों का हल किया जाए।