जम्मू के विस्थापितों को पीएम मोदी ने दिया बड़ा तोहफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकवाद और सुरक्षा संबंधी पशानियों के कारण जम्मू के पहाड़ी क्षेत्र से विस्थापित हुए लोगों को भी कश्मीर घाटी से विस्थापितों की तरह ही सरकारी सहायता मिलेगी।
इसके अलावा कश्मीर घाटी से विस्थापित लोगों केलिए केंद्र सरकार राज्य में तीन हजार सरकारी नौकरियों के साथ-साथ छह हजार अस्थाई मकान का भी बंदोबस्त करेगी। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जम्मू और कश्मीर के लिए दो अहम फैसले पर मुहर लगाई गई।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते दिनों राज्य के लिए अस्सी हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा कर चुके हैं। सरकार के इस फैसले से घाटी से विस्थापित बासठ हजार लोगों के साथ जम्मू के पहाड़ी क्षेत्र से विस्थापित 1,054 लोगों को सीधा लाभ मिल सकेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2008 में 1618.40 करोड़ रुपये के आवंटन के जरिये विस्थापितों के लिए तीन हजार सरकारी नौकरियों की व्यवस्था करने की घोषण की गई थी।
इसके तहत अब तक 1,963 विस्थापितों को सरकारी सेवा में आने का लाभ मिल चुका है, जबकि 469 विस्थापितों को नौकरी देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
हर महीने मिलेगी 2,500 रुपये की सरकारी सहायता
कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने कश्मीर घाटी से विस्थापितों की तर्ज पर जम्मू के पहाड़ी क्षेत्रों से विस्थापित 1,054 पंजीकृत लोगों के लिए नए प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके तहत अब प्रति व्यक्ति चार सौ रुपये और प्रति परिवार अधिकतम 1,600 रुपये की सहायता को बढ़ा कर प्रति व्यक्ति 2,500 रुपये और प्रति परिवार अधिकतम दस हजार रुपये कर दिया गया है।
विस्थापितों को प्रति माह मिलने वाला नौ किलो आटा, दो किलो चावल और दस लीटर केरोसीन की सहायता पहले की तरह जारी रहेगी। इस मद में आया अतिरिक्त खर्च का वहन केंद्र सरकार करेगी।
कश्मीर घाटी से विस्थापितों को भी केंद्रीय सहायता
सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने कश्मीर घाटी से विस्थापित लोगों के लिए राज्य में केंद्रीय सहायता से 3,000 सरकारी नौकरी की व्यवस्था करने का फैसला किया गया है।
इसके अलावा घाटी में इनके रहने के लिए 6,000 अस्थाई मकान के निर्माण के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मद में 2,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसका वहन केंद्र सरकार करेगी।
गौरतलब है कि इस समय राज्य में 60,000 पंजीकृत विस्थापित हैं। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008 में की गई घोषणा के तहत घाटी में अब तक 469 मकान बनाए जा चुके हैं। अब इसके अतिरिक्त 6,000 और नए मकानों का निर्माण होगा।