नागरिकता संशोधन अधिनियमः वबाल के बाद एएमयू से लौटे 347 छात्रों को भेजा गया कश्मीर
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नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ एएमयू में हुए वबाल के बाद पिछले दो दिन में जम्मू लौटे 347 विद्यार्थियों को बसों से सुरक्षा के बीच कश्मीर के लिए रवाना किया गया। जिला प्रशासन की देखरेख में भठिंडी के मक्का मस्जिद और मदरसे में ठहरने की व्यवस्था की गई थी। आज यानी कि गुरुवार को भी एएमयू से कुछ विद्यार्थी जम्मू पहुंच सकते हैं। बताया जाता है कि जम्मू कश्मीर के करीब 600 विद्यार्थियों को वापस आना पड़ा है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को जम्मू 125 विद्यार्थी पहुंचे थे, जबकि बुधवार दोपहर को 222 विद्यार्थी पहुंचे। इनमें छात्राएं भी शामिल थीं। गत दिवस जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने के कारण कई विद्यार्थी जम्मू में अपने रिश्तेदारों के यहां रुके हुए थे। इसके अलावा मक्का मस्जिद भठिंडी में छात्रों और मदरसा भठिंडी में छात्राओं को ठहराया गया था। यहां सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
एएमयू में हुए बवाल के बाद जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी सहमे हुए थे और अधिकतर वापस लौट रहे हैं। एएमयू से लौटने वाले अधिकतर विद्यार्थी कश्मीर संभाग के हैं। बुधवार दोपहर सुरक्षा के बीच एसआरटीसी की चार बसों में विद्यार्थियों को कश्मीर के लिए रवाना किया गया।
माहौल खराब होने के बाद अभिभावक भी लगातार अपने बच्चों के संपर्क में हैं
माहौल खराब होने के बाद अभिभावक भी लगातार अपने बच्चों के संपर्क में हैं। अधिनियम के विरोध में देशभर में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदेश के विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए छह लाइजनिंग अधिकारी नियुक्त किए हैं।
ये अधिकारी स्थानीय प्रशासन/कॉलेज प्रशासनों और प्रदेश सरकार के साथ संपर्क में रहकर विद्यार्थियों की सभी समस्याओं का निदान करने का प्रयास कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को किसी भी तरह से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली ताकतों से बचने के लिए सोशल मीडिया का सावधानी से प्रयोग करने की हिदायत दी गई है। इसमें अफवाहों से भी बचने को कहा गया है।