फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   BUMS Nawabag Ganderbal first Government Unani Medical College in Jammu and Kashmir

गांदरबल से बदलेगी यूनानी चिकित्सा की तस्वीर: इस कॉलेज में 15 मार्च से शुरू होगा पहला बैच

Wed, 10 Mar 2021 03:50 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 10 Mar 2021 03:50 PM IST
विज्ञापन
BUMS Nawabag Ganderbal first Government Unani Medical College in Jammu and Kashmir
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

जम्मू-कश्मीर में पहले सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज नवाबाग गांदरबल में 15 मार्च से बीयूएमएस की 60 सीटों का पहला बैच शुरू किया जा रहा है। इस कॉलेज के शुरू होने से खासतौर पर कश्मीर के लोगों के लिए एलोपैथी के साथ अन्य यूनानी चिकित्सा पद्धति का विकल्प खुल जाएगा।

विज्ञापन


प्रदेश में 54 वर्ष बाद ऐसे पहले कॉलेज को शुरू किया जा रहा है। कुछ माह पहले ही कॉलेज के लिए लेटर ऑफ इंटेंड और लेटर ऑफ परमिशन मिला था। मेडिकल कॉलेज के साथ यूनानी मेडिकल अस्पताल, शालतेंग (श्रीनगर) को संबद्ध किया गया है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- ससुराल में पुलिस वाले का खूनी खेल: प्रमोशन की खुशी में बिछा दी अपनों की इतनी लाशें, सिहर उठा जम्मू    
विज्ञापन
विज्ञापन


कॉलेज में न्यूनतम ढांचा, शैक्षणिक और प्रशिक्षण सहित अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं। सभी औपचारिकताएं इंडियन मेडिसिन सेंट्रल काउंसिल एक्ट 1970 के तहत पूरी की गई हैं। जम्मू कश्मीर में भौगोलिक स्थिति के हिसाब से औषधीय क्षेत्र का भंडार है, जिससे यूनानी कॉलेज शुरू होने से यूनानी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदेश में एलोपैथी के साथ आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति का विस्तार होगा। इसके साथ प्रदेश भर के मेडिकल छात्रों को यूनानी प्रणाली में शामिल होने का मौका मिलेगा।

नीट परिणाम के आधार पर दाखिले

नोडल अधिकारी डॉ. इफ्तिखार ने बताया कि यूनानी मेडिकल कॉलेज गांदरबल में प्रशासनिक ब्लॉक, टीचिंग स्टाफ रूम, क्लास रूम, प्रोजेक्टर प्रस्तुति आदि ढांचा स्थापित किया गया है। कॉलेज कैंपस में सिविल कार्य एक हफ्ते में पूरे कर लिए जाएंगे। इसी तरह हफ्ते के भीतर दो लिफ्टों को शुरू किया जा रहा है। संबद्ध अस्पताल में प्रतिदिन 150-200 मरीजों को ओपीडी में देखा जा रहा है।

इसमें सर्जरी, पीडियाट्रिक, गायनी आदि यूनिट चल रहे हैं। आईएसएम के निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति में विस्तार के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। नीट के आधार पर विद्यार्थियों के यूनानी मेडिकल कॉलेज के लिए दाखिले किए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed