Janipur Building collapsed: जम्मू के जानीपुर में लेंटर उठाते दुकान की छत गिरी, पांच मजदूर बाल-बाल बचे
Janipur Building collapsed: जम्मू के जानीपुर वीरवार को एक इमारत गिर गई। इसे लोगों में अफरातफरी मच गई। लोगों के दबे होने की आशंका के रेस्क्यू शुरू किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू शहर के जानीपुर क्षेत्र में लेंटर उठाते समय एक दुकान की छत गिर गई। मौके पर मौजूद पांच मजदूरों के दबने की आशंका पर पांच घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बाद में मजदूरों के सकुशल होने का पता चला। वीरवार शाम 5.20 मिनट पर जानीपुर के वार्ड 35 में मुख्य जानीपुर मार्ग पर स्थित दुकान में लेंटर उठाने का काम चल रहा था। यह दुकान पहले वेद प्रकाश नाम के व्यक्ति की थी, जिसे मौजूदा समय में तालाब तिल्लो के रहने वाले व्यक्ति ने खरीदा था। दुकान के पिछले हिस्से में बुधवार को ही नया निर्माण कर लेंटर डाला गया था।
जबकि वीरवार को आगे की दुकान का लेंटर उठाने के लिए 5 मजदूर काम कर रहे थे। इन मजदूरों ने पहले पिछले हिस्से को जैक से उठाया। इसके बाद इसका अगला हिस्सा उठाने लगे तो संतुलन बिगड़ने से छत नीचे आ गिरी। इस पूरे बचाव कार्य में मलबा हटाने में 5 जेसीबी मशीनें लगाई गईं। शाम 5.20 मिनट पर शुरू हुआ मलबा हटाने का काम रात 10.20 तक चला। इस दौरान 10 टिप्पर मलबा मौके से उठाया गया।
वार्ड 35 जानीपुर में लेंटर उठाते समय एक दुकान की छत गिरने के बाद अफरातफरी मच गई। हादसे में कई श्रमिकों के दबने की आशंका जताई गई। सूचना के बाद मौके पर पुलिस सहित एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस के लोगों ने पहुंच कर ऑपरेशन शुरू किया। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लेंटर एक हिस्से को उठाया गया और मलबे को खंगाल कर स्थिति स्पष्ट हुई कि मजदूर हादसे से पहले ही वहां से सकुशल निकल चुके थे। इसके बाद लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
घटना के बाद तुरंत हरकत में आते हुए पुलिस ने जानीपुर मार्ग को बंद कर दिया था। वहीं, लेंटर की चपेट में कुछ खंभे की वजह से विभाग ने बिजली बंद कर दी थी, जो रात 10 बजे तक भी बहाल नहीं हो पाई थी। जानकारी के अनुसार वीरवार शाम को 5:20 बजे दुकान के लेंटर को जैक के साथ ऊपर उठाने का काम चल रहा था, लेकिन लेंटर अनियंत्रित हो कर धड़ाम से गिर गया। इस काम में पांच श्रमिक लगे थे। हादसा होते ही अफरातफरी मच गई, लेकिन वहां काम कर रहे श्रमिकों की कोई जानकारी नहीं मिलने पर लेंटर के नीचे दबने की आशंका जताई गई।
मौके पहुंचे बचाव दलों ने करीब 5:45 बजे मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया था। साथ ही पांच जेसीबी की मदद ली गई। चार एंबुलेंस भी मौके पर बुलाई गई थीं, ताकि किसी के मिलने पर तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके। काफी मलवा हटाने के बाद शाम 7:20 बजे जेसीबी की मदद से लेंटर के हिस्से को ऊपर उठाया गया और रात 10:20 तक मलबा खंगाल कर पाया कि नीचे कोई नहीं है। इसके बाद राहत कार्य में जुटे लोगों ने राहत की सांस ली। जोर से आवाज दी कि शुक्र है कि कोई नीचे कोई नहीं हैं।
सीसीटीवी में दिखे थे मजदूर
दुकान के सामने ग्लोबल फर्नीचर की दुकान है। इसके मालिक के भाई आकाश गुप्ता ने बताया कि उनकी दुकान में सीसीटीवी लगे हुए हैं। वह शाम 4 बजे देखकर गए थे कि चार-पांच श्रमिक दुकान में काम कर रहे हैं।
पांच बजे मैंने भी काम करते देखा
जानीपुर विशाल मेगा मार्ट के मालिक जीवन कोहली ने बताया कि पांच बजे दुकान के आगे से गुजरा था। तब वहां मजदूर काम कर रहे थे। हादसा होते ही उनको पता चला और उन्होंने पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम को सूचित किया। टीम ने जल्द पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
यह दुकान तालाब तिल्लो के किसी व्यक्ति ने कुछ समय पहले ही खरीदी थी। पूरी तरह से उसकी जानकारी नहीं मिल रही। सुनने में तो आ रहा है कि उसने काम करने के लिए निगम से अनुमति ले रखी थी। इसके बारे में निगम के अफसरों से बात करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोई बात नहीं कर रहा। - सुभाष शर्मा, पार्षद, वार्ड 36
तकनीकी रूप से लेंटर उठाने और इस तरह के निर्माण के लिए नगर निगम की अनुमति की जरूरत होती है। जिस दुकान की छत गिरी है और इसका लेंटर उठाने का काम चल रहा था, इसके बारे में जानकारी नहीं है। - अनिल रैना, सीनियर टाउन प्लानर
पुलिस, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और स्थानीय लोगों ने मिलकर काम किया है। पहले सूचना यहीं थी कि मलबे के नीचे 4 से 5 मजदूर दब गए हैं, लेकिन शुक्र है कि नीचे कोई नहीं है। - उद्धम कुुमार, एसडीएम
पांच घंटे बंद रहा जानीपुर मार्ग, बिजली गुल
रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से जानीपुर मार्ग को बंद कर दिया गया था। न्यू प्लाट से लेेकर जानीपुर कॉलोनी तक वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया। रात 10:30 बजे वाहनों की आवाजाही बहाल की गई। दुकान गिरने से इसकी चपेट में खंभे भी आ गए थे। इसकी वजह से क्षेत्र की बिजली बंद कर दी गई थी। रात 10 बज तक बिजली बहाल नहीं हो पाई थी।