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Jammu News: जल जीवन मिशन में घोटाले की बू, स्पीकर ने जांच के लिए हाउस समिति बनाने की घोषणा की
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बजट सत्र में बहस करते विधायक।
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- जलशक्ति विभाग में अनुदान पर चर्चा, जेजेएम के कार्यों की जांच की विधायकों ने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत जम्मू-कश्मीर में हुए कार्यों की जांच होगी। विधायकों की ओर से जेजेएम के कार्यान्वयन में लगाए गए घोटाले के आरोप के बाद स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने हाउस समिति बनाने की घोषणा की, जो इसकी जांच करेगी।
शनिवार को जलशक्ति विभाग में अनुदान पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान सत्तापक्ष के विधायकों ने जेजेएम को घोटाला बताया। स्पीकर से इसकी जांच कराने की मांग की। आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत जितना पैसा खर्च किया दिखाया जा रहा है उतना हुआ नहीं। अगर केंद्र से हजारों करोड़ रुपये बजट मिला तो जमीनी स्तर पर काम क्यों नहीं हुआ। त्रेहगाम से विधायक सैफुल्लाह मीर ने कहा कि कुपवाड़ा जिले में जेजेएम के तहत 650 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है, लेकिन जमीनी पर कुछ नहीं है। कांग्रेस के विधायक जीएम मीर, पुंछ से निर्दलीय विधायक एजाज जान और थन्नामंडी से विधायक मुजफ्फर खान ने भी जेजेएम को बड़ा घोटाला बताया। समिति बनाने को लेकर नेकां के विधायक तनवीर सादिक और भाजपा विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सादिक ने कहा कि भाजपा विधायक भी जेजेएम में जांच के लिए हाउस समिति चाहते हैं। इस पर भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया ने आपत्ति जताते हुए कहा कि हमने इस तरह की मांग नहीं की। विधायकों की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के शुरू होने के बाद से ही जलशक्ति से जुड़े हर प्रश्न पर बहस में यह मांग की उठी। अगर हाउस चाहता है कि जांच हो तो इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। हम हाउस समिति बनाने की घोषणा करते हैं। बता दें की 2019 से शुरू हुए जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत जम्मू-कश्मीर में हुए कार्यों की जांच होगी। विधायकों की ओर से जेजेएम के कार्यान्वयन में लगाए गए घोटाले के आरोप के बाद स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने हाउस समिति बनाने की घोषणा की, जो इसकी जांच करेगी।
शनिवार को जलशक्ति विभाग में अनुदान पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान सत्तापक्ष के विधायकों ने जेजेएम को घोटाला बताया। स्पीकर से इसकी जांच कराने की मांग की। आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत जितना पैसा खर्च किया दिखाया जा रहा है उतना हुआ नहीं। अगर केंद्र से हजारों करोड़ रुपये बजट मिला तो जमीनी स्तर पर काम क्यों नहीं हुआ। त्रेहगाम से विधायक सैफुल्लाह मीर ने कहा कि कुपवाड़ा जिले में जेजेएम के तहत 650 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है, लेकिन जमीनी पर कुछ नहीं है। कांग्रेस के विधायक जीएम मीर, पुंछ से निर्दलीय विधायक एजाज जान और थन्नामंडी से विधायक मुजफ्फर खान ने भी जेजेएम को बड़ा घोटाला बताया। समिति बनाने को लेकर नेकां के विधायक तनवीर सादिक और भाजपा विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सादिक ने कहा कि भाजपा विधायक भी जेजेएम में जांच के लिए हाउस समिति चाहते हैं। इस पर भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया ने आपत्ति जताते हुए कहा कि हमने इस तरह की मांग नहीं की। विधायकों की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के शुरू होने के बाद से ही जलशक्ति से जुड़े हर प्रश्न पर बहस में यह मांग की उठी। अगर हाउस चाहता है कि जांच हो तो इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। हम हाउस समिति बनाने की घोषणा करते हैं। बता दें की 2019 से शुरू हुए जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
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