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Jammu News: उमर सरकार ने विधानसभा में पेश किया पहला विधायी प्रस्ताव
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-वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया, इसमें कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उमर अब्दुल्ला सरकार ने शनिवार को विधानसभा में अपना पहला विधायी प्रस्ताव पेश किया। प्रश्नकाल के बाद वित्त मंत्री उमर अब्दुल्ला का प्रतिनिधित्व करते हुए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सदन में वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (जीएसटी), 2017 में संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। यह विधेयक आधिकारिक राजपत्र में पहले ही प्रकाशित हो चुका है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य प्रदेश के जीएसटी ढांचे को राष्ट्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम में हाल ही में किए गए संशोधनों के अनुरूप लाना है। उपमुख्यमंत्री का कहना है कि संशोधन मुख्य रूप से कर प्रशासन के लिए विनियामक उपायों पर केंद्रित हैं और इसमें कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं है। चाहे वह पुनरावृत्ति हो या गैर-पुनरावृत्ति। वर्ष 2018 में केंद्रीय शासन लागू होने के बाद से जम्मू-कश्मीर का विधायी अधिकार संसदीय नियंत्रण में था। विधानसभा की बहाली के साथ इस विधेयक का पेश होना विधायी स्वायत्तता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उमर अब्दुल्ला सरकार ने शनिवार को विधानसभा में अपना पहला विधायी प्रस्ताव पेश किया। प्रश्नकाल के बाद वित्त मंत्री उमर अब्दुल्ला का प्रतिनिधित्व करते हुए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सदन में वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (जीएसटी), 2017 में संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। यह विधेयक आधिकारिक राजपत्र में पहले ही प्रकाशित हो चुका है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य प्रदेश के जीएसटी ढांचे को राष्ट्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम में हाल ही में किए गए संशोधनों के अनुरूप लाना है। उपमुख्यमंत्री का कहना है कि संशोधन मुख्य रूप से कर प्रशासन के लिए विनियामक उपायों पर केंद्रित हैं और इसमें कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं है। चाहे वह पुनरावृत्ति हो या गैर-पुनरावृत्ति। वर्ष 2018 में केंद्रीय शासन लागू होने के बाद से जम्मू-कश्मीर का विधायी अधिकार संसदीय नियंत्रण में था। विधानसभा की बहाली के साथ इस विधेयक का पेश होना विधायी स्वायत्तता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।