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Jammu: बसपा की चुनावी वापसी, 1996 की सफलता को दोहराने की रणनीति, कांग्रेस और नेकां को दी थी शिकस्त
Tue, 27 Aug 2024 04:04 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Tue, 27 Aug 2024 04:04 PM IST
सार
बसपा ने 1996 और 2002 में कांग्रेस और नेकां को हराया था। लेकिन 2008 और 2014 में विफल रहने के बाद अब फिर से जम्मू संभाग में सफलता की रणनीति तैयार की है।
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बसपा प्रमुख मायावती
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 1996 और 2002 के विधानसभा चुनावों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। जहां उसने कांग्रेस और नेकां को हार का सामना कराया। 1996 में बसपा ने चार सीटों पर विजय प्राप्त की थी। कठुआ, सांबा, आरएस पुरा, और भद्रवाह। इस दौरान सागर महाशा, सोमराज, राम चंद, और शेख अब्दुल ने प्रभावी मत प्रतिशत हासिल कर कांग्रेस प्रत्याशियों को पराजित किया। 2002 में, सरदार मंजीत सिंह ने विजयपुर सीट पर जीत दर्ज की थी।
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हालांकि, 2008 और 2014 के चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा और उसे सफलता नहीं मिली। 2008 में 45 सीटों पर चुनाव लड़ा गया और 2014 में 38 सीटों पर प्रत्याशी उतारे गए, लेकिन पार्टी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बावजूद, पार्टी ने असहाय और पिछड़े वर्ग के लिए काम करना जारी रखा है और अपने नीतियों को लोगों तक पहुंचाया है।
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अब, बसपा 1996 की तरह सफलता की उम्मीद के साथ जम्मू संभाग की सभी सीटों पर चुनावी मैदान में है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन राणा ने भरोसा जताया है कि बसपा पहले की तरह इस बार भी जीत दर्ज करेगी और जनाधार को मजबूत करेगी।
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