‘साहब, उस दिन मौका दिया होता तो आज ऐसा नहीं होता’
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शरीर पर लगी पाकिस्तानी गोली का दर्द नहीं, पर दुश्मन को जवाब न देने का गम दिमाग में हिलोरे मार रहा था। सीमा सुरक्षा बल के बिग बॉस को सामने देख जवान अपने जज्बात पर काबू नहीं रख सका।
गवर्नमेंट मेडिकल कालेज जम्मू के डिजास्टर वार्ड में बुधवार की सुबह बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल डीके पाठक पाक गोलाबारी में घायल जवानों और नागरिकों से मिलने पहुंचे। डीजी ने घायल जवान की हौसलाअफजाई की।
उसे एक लिफाफा थमाया, जिसमें चेक था। हाथ में लिफाफा पकड़ते ही जवान जज्बाती हो गया। उसने डीजी से कहा, ‘साहब, तीन अक्तूबर को यदि हमें माकूल जवाब देने को कह दिया गया होता, तो आज पाक ऐसी हिमाकत करने की नहीं सोचता।’ पाठक ने उसका हौसला बढ़ाया और अपने जख्म का ख्याल रखने को कहा।
बोले डीजी, खुलकर खेल रही बीएसएफ
सीमा पर लगातार फायरिंग पर डीजी ने कहा कि पाकिस्तान की नापाक हरकतों का हमारे जवान जवाब दे रहे हैं। जब उनसे सीमा पार हुए नुकसान के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि मीडिया ही इसकी सही जानकारी दे सकता है।
एक ओर गृहमंत्री राजनाथ सिंह कह रहे हैं कि पाक को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा और दूसरी ओर बीएसएफ के जवानों को इसकी इजाजत देने में देरी किए जाने पर पाठक ने कहा कि ऐसा नहीं है। जवानों को खुलकर मुंहतोड़ जवाब देने को कहा गया है।
सीमा पर तनाव के बाद जवानों की अतिरिक्त नियुक्ति के संबंध में पूछे जाने पर पाठक ने कहा कि सीमा पर जितने जवान तैनात हैं, वह काफी हैं। इस दौरान रिहायशी इलाकों में पाक द्वारा गोलाबारी किए जाने की डीजी ने निंदा की।
‘यह अंदर की बात है, इसे रहने दें’
डीजी का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पर आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में सभी चौकियों को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा हीरानगर, सांबा, रामगढ़ और अखनूर सेक्टर में भी पाकिस्तानी सेना और रेंजरों द्वारा गोलाबारी की गई है।
पाठक ने कहा कि पाक में राजनीतिक अस्थिरता और सीमा पार बैठे आतंकियों को घुसपैठ में मिली असफलता के कारण पाकिस्तान बौखलाकर ऐसा कदम उठा रहा है।
बीएसएफ के डीजी पाठक से जब पूछा गया कि आपने रक्षा मंत्री अरुण जेटली और गृहमंत्री राजनाथ सिंह को सीमा के हालात की जानकारी दी। उनकी ओर से क्या रणनीति बनाई गई है। तो उन्होंने कहा कि ‘यह अंदर की बात है। इसे रहने दें।’