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शहीदों की जगह सिर झुकाना तीर्थ स्थान पर जाने की समान: राज्यपाल सत्य पाल मलिक
Fri, 01 Feb 2019 12:41 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 01 Feb 2019 12:41 AM IST
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सत्य पाल मलिक
- फोटो : PTI
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राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने कहा कि शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए। क्योंकि शहीदों की जगह पर सिर झुकाने या उस जगह जाना ऐसा है जैसे तीर्थ स्थान पर जाना, जैसे हरिद्वार जाना, जैसे कुंभ जाना। इसलिए मैं तमाम शहीदों को नमन करता हूं।
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राज्यपाल वीरवार को ज्यौड़ियां में वर्ष 1953 में प्रजा परिषद के आंदोलन में एक विधान-एक संविधान और एक निशान की मांग करते हुए सात शहीदों के शहीदी दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस अवसर पर खेतीबाड़ी संबंधी सभी विभागों की तरफ से प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका राज्यपाल ने अवलोकन किया।
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राज्यपाल ने कहा कि किसानों और मीडिया से मेरा कहना है मेरी इस तकरीर को गवर्नर की तकरीर न लिखें बल्कि एक किसान की तकरीर लिखें। क्योंकि गवर्नर को कष्ट नहीं होता किसान को कष्ट ही कष्ट है। राज्यपाल ने अपने आधे घंटे के भाषण में किसानों के हितों के बारे में बात की, जिसमें उन्होंने खेतीबाड़ी संबंधी सभी विभागों को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा हक नहीं मिल पा रहा है।
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राज्यपाल ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। रिश्वतखोरी के चलते एक फाइल साल-साल एक ही टेबल पर लटकी रहती है, जिसकी शिकायत हमें मिली है। हमारा महकमा इस भ्रष्टाचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के समय हमने प्रोटोकाल तोड़ा। चुनाव का बहिष्कार करने वाली पीडीपी व नेकां के पास भी गए कि वे चुनाव का बहिष्कार करने की बजाए इसमें शामिल हों, लेकिन दोनों ही पार्टियों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य किसान एडवाइजरी बोर्ड के पूर्व उप प्रधान दलजीत सिंह चिब ने मांगों की सूची पढ़ी, जिसमें ज्यौड़ियां को एक डिग्री कॉलेज, गर्ल्स हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग, क्षेत्र में मिनी स्टेडियम, जिस जगह पर ज्यौड़ियां कस्बा बसा है उस जगह का मालिकाना हक देना, किसानों की फसल का अच्छा दाम देना आदि मांगें रखीं। राज्यपाल ने ज्यौड़ियां में डिग्री कालेज खोलने तथा लड़कियों के लिए हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा देने की घोषणा की।
छंब विधानसभा क्षेत्र के 21 गांवों के किसानों की जमीन जो कारगिल युद्ध के दौरान से सेना के अधीन है जिसका न ही आज तक मुआवजा मिला है और न ही जमीन वापस की जा रही है की एक रिपोर्ट पंचायत पगांली के सरपंच पठान सिंह ने राज्यपाल को सौंपी। वहीं पीएचई के अस्थायी कर्मचारी यूनियन का प्रतिनिधिमंडल भी प्रदीप कुमार शर्मा के नेतृत्व में एसडीएम से मिला और मांगों का एक ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह, एमएलसी अजय भारती सहित प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित रहे।