फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   border area residents live under threat every second

हर क्षण सताता है अग्निवर्षा का खौफ

Sat, 11 Oct 2014 10:47 PM IST
Updated Sat, 11 Oct 2014 10:47 PM IST
विज्ञापन
border area residents live under threat every second

पाकिस्तानी गोलाबारी के खौफ ने सीमांत ग्रामीणों के जेहन में स्थायी घर बना लिया है। आजादी के 67 बाद भी पाक गोलाबारी उन्हें अक्सर शरणार्थी कैंपों तक धकेल देती है। घर से बेघर होकर कैंपों में दिन गुजारना इन ग्रामीणों की नियति बन गई है। भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर इस साल दूसरी बार सीमांत ग्रामीण शरणार्थी कैंपों तक पहुंचे हैं।

विज्ञापन


सांबा में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर इस साल अगस्त में और पिछले साल भी ग्रामीणों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। इस बार भी उसी स्थिति से रूबरू हैं। दहशत में जी रहे ग्रामीण अब गांव लौटना नहीं चाहते। महिलाओं ने करवा चौथ कैंपों में मनाया और अब दीपावली की चमक पर भी पाकिस्तानी ग्रहण के आसार बढ़ गए हैं।
विज्ञापन


आरएस पुरा के हायर सेकेंडरी स्कूल और आईटीआई स्थित कैंपों में शरण लिए ग्रामीणों का सरकार से भरोसा उठने लगा है। हर बार दर बदर होने पर उन्हें आश्वासन मिलता है, लेकिन, सुरक्षित इलाकों में पांच मरले का प्लाट अब भी सपना ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पाकिस्तानी चुप्पी में भी षडयंत्र

border area residents live under threat every second

दो माह पहले पाकिस्तानी गोलाबारी के बाद रियासत सरकार ने सीमांत इलाके में हर गांव में बंकर बनाने का ऐलान किया था, लेकिन, घोषणा के धरातल पर उतरने से पहले ही पाकिस्तान ने फिर गोलाबारी तेज कर दी। ग्रामीणों को फिर शरणार्थी कैंपों में आना पड़ा। पाक गोलाबारी के बाद सीमांत ग्रामीणों के लिए जम्मू जिले में बने सभी 16 शरणार्थी कैंपों में एक जैसी स्थिति है।

उधर, कठुआ के कैंपों में शरण लिए 57 गांवों के दस हजार से ज्यादा लोग पाकिस्तानी चुप्पी में भी षडयंत्र महसूस करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है, लेकिन, पाक दबाव में गोलाबारी का नया मोर्चा खोलने के लिए बदनाम रहा है। अरनिया और पुंछ में पाक गोले फिर से बरसने लगे हैं।

नतीजतन अंतर्राष्ट्रीय सीमा के ग्रामीणों में भी दहशत बढ़ गई है। इस बार पाक के गोलों ने ज्यादा कहर बरपाया है। कठुआ और सांबा के 40 हजार से अधिक ग्रामीण इस गोलाबारी की चपेट में आए हैं। कठुआ में 61 सरकारी भवनों में शरणार्थी कैंप बनाए गए हैं। प्रशासन ने सीमा से सटे पांच किलोमीटर के दायरे वाले 12 और गांवों को खाली करा दिया है। इसके लिए 16 अतिरिक्त कैंप बनाए गए हैं।

कब कितनी बार हुआ सीजफायर का उल्लंघन

border area residents live under threat every second

2010- 44
2011- 51
2012- 93
2013- 251
2014- अब तक 150 से अधिक बार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed