पीडीपी के आगे नतमस्तक नहीं हुई भाजपा :निर्मल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत में भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के सौ दिन सोमवार को पूरे हो जाएंगे। तमाम गतिरोधों और कई फैसलों पर असहमति के बाद भी गुड गवर्नेंस के नाम पर दोनों दलों की सरकार ने 100 दिन पूरे कर लिए।
भाजपा का मानना है कि शुरुआती दौर में कुछ अड़चनें रहीं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतेगा सरकार मजबूत होगी और जन आकांक्षाओं को पूरा करने में सफल रहेगी।
उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल कुमार सिंह से सरकार के 100 दिन की उपलब्धियों, चुनौतियों और अन्य मुद्दों पर डा. बृजेश कुमार सिंह ने बात की।
सरकार की प्रमुख उपलब्धियां
तीनों खित्तों के साथ न्याय के लिए है। क्षेत्रीय भेदभाव दूर करते हुए जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का समान रूप से विकास किया जाएगा। जम्मू में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। पत्नीटाप, मानतलाई, भद्रवाह में पर्यटकों को लुभाने के प्रयास होंगे।
रंजीत सागर डैम में वाटर स्पोर्ट्स शुरू किया जाएगा। मुबारक मंडी का जीर्णोद्धार होगा। गंडोला प्रोजेक्ट पर भी बात चल रही है। हरि सिंह पार्क का विकास करने के साथ ही वहां महाराजा हरि सिंह की मूर्ति लगाई जाएगी।
ये मुद्दे है जो सरकार के के बीच डाल रहे हैं रार
गुड गवर्नेंस
उप मुख्यमंत्री का कहना है कि कई मुद्दों पर मत भिन्नता के बाद भी आपसी समन्वय से गुड गवर्नेंस देंगे। जम्मू में एम्स तथा तवी में क़त्रिम झील का निर्माण जरूर होगा। आईआईटी व आईआईएम पर भी सरकार जल्द ही पहल शुरू करेगी।
खस्ता वित्तीय हालत
राज्य सरकार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते योजनाओं को अमली जामा कैसे पहना पाएंगे? इस सवाल के जवाब में निर्मल सिंह ने कहा कि यह सच है कि सरकार की वित्तीय हालत खस्ता है। पिछली सरकार से खजाना बिल्कुल खाली मिला था।
9000 करोड़ रुपये की देनदारी है। इसमें अकेले चार हजार करोड़ रुपये तो बिजली विभाग के हैं। पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार तथा राजनीति ने ऐसी स्थिति पैदा की। वैधानिक संस्थाओं को खत्म कर दिया गया। नई सरकार ने धीरे-धीरे स्थितियों को संभालना शुरू किया है। इसमें कुछ वक्त लगेगा। नई भर्ती नीति शीघ्र ही घोषित होगी।
कश्मीरी पंडितों और पीओके रिफ्यूजियों का पुनर्वास
डॉ सिंह ने कहा कि सरकार कश्मीरी पंडितों और पीओके रिफ्यूजियों के पुनर्वास के लिए कृत संकल्पित है। रिफ्यूजियों को वन टाइम पैकेज देने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। उन्हें रेजीडेंस सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा ताकि वे केंद्रीय बलों में रोजगार पा सकें। कश्मीरी पंडितों की भी घर वापसी पर सरकार गंभीर है। इसे अनावश्यक राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो रही है।
पाकिस्तानी झंडे और बेबस सरकार
यह पूछे जाने पर कि बढ़ते अलगाववाद और पाकिस्तान परस्ती पर आपकी सरकार बेबस और लाचार क्यों है, उनका कहना था कि यह बिल्कुल गलत है। मसर्रत आलम की रिहाई गठबंधन सरकार का फैसला नहीं था, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्यपाल शासन में ही इसकी पहल शुरू हो गई थी।
प्रक्रिया पूरी होते-होते नई सरकार बन गई। इसलिए नई सरकार के कार्यकाल में उसे रिहा किया गया। दोबारा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर उसे जेल भेजा गया और अब छह साल तक वह रिहा नहीं हो पाएगा। पाकिस्तानी झंडे लहराने के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है।
उन्हें पीडीपी के साथ राष्ट्रवादी भाजपा की सरकार पच नहीं रही है। लिहाजा वे बार-बार घाटी के लोगों को भड़का रहे हैं। इस प्रकार की गतिविधियों की कतई इजाजत नहीं दी जाएगी।
अफस्पा हटाने की जरूरत नहीं
अफस्पा पर डिप्टी सीएम ने कहा कि इसे फिलहाल हटाने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार इस मुद्दे पर किसी प्रकार का असेसमेंट नहीं करने जा रही है। यदि भविष्य में कभी आवश्यकता महसूस की गई तो सरकार स्थितियों के अनुरूप अफस्पा पर असेसमेंट कर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेगी। केंद्र ही इस मसले पर अंतिम फैसला लेगा।
भाजपा सत्ता लोलुप नहीं
डॉ. सिंह ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि भाजपा पीडीपी के सामने नतमस्तक हो गई है। वे बोले कि भाजपा सत्ता की लोभी नहीं है। उसने कभी सिद्धांतों तथा मुद्दों से समझौता नहीं किया। अलगाववाद पर पार्टी ने कभी कदम पीछे नहीं खीचे। समय-समय पर कई बातें होती रहेंगी, लेकिन भाजपा न तो कमजोर है और न ही कमजोर रहेगी।