{"_id":"bcf921bae9dfe6c7eb38fbbaa35f2cc8","slug":"bjp-prepared-for-jammu-municipal-election-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने कसी कमर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने कसी कमर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। रविवार को भाजपा मंत्रियों, विधायकों तथा एमएलसी सदस्यों की हुई बैठक में इस मसले पर विस्तार से बात हुई। सभी से उनके कामकाज का ब्योरा लिया गया और जनता के बीच जाने को कहा गया।
पूरी कवायद इस बात पर थी कि निकाय चुनाव होने तक जनता को यह लगे कि भाजपा उनके हितों की बात कर रही है। सरकार खासकर सहयोगी के रूप में भाजपा के विषय में जनता का फीडबैक भी लिया गया।
गांधीनगर गेस्ट हाउस में लगभग तीन घंटे तक चली बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा तथा संगठन महामंत्री अशोक कौल ने प्रत्येक मंत्री तथा विधायकों से उनके कामकाज के विषय में जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
उनसे पूछा गया कि उन्होंने अब तक कौन-कौन से काम शुरू कराए। क्षेत्र में कार्यालय खोला कि नहीं। पंचायतों तथा वार्डों में लोगों के बीच गए अथवा नहीं। लोगों से मिलने जुलने के दौरान सरकार के प्रति उनकी क्या प्रतिक्रिया रही।
सरकार को लेकर जनता के बीच सकारात्मक छवि है या फिर नकारात्मक। मंत्री तथा विधायकों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जुट जाएं। लोगों से मिले-जुलें। उनका दुख-दर्द सुनें और उनके समाधान का प्रयास करें।
विज्ञापन
पूरी कवायद इस बात पर थी कि निकाय चुनाव होने तक जनता को यह लगे कि भाजपा उनके हितों की बात कर रही है। सरकार खासकर सहयोगी के रूप में भाजपा के विषय में जनता का फीडबैक भी लिया गया।
विज्ञापन
गांधीनगर गेस्ट हाउस में लगभग तीन घंटे तक चली बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा तथा संगठन महामंत्री अशोक कौल ने प्रत्येक मंत्री तथा विधायकों से उनके कामकाज के विषय में जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
उनसे पूछा गया कि उन्होंने अब तक कौन-कौन से काम शुरू कराए। क्षेत्र में कार्यालय खोला कि नहीं। पंचायतों तथा वार्डों में लोगों के बीच गए अथवा नहीं। लोगों से मिलने जुलने के दौरान सरकार के प्रति उनकी क्या प्रतिक्रिया रही।
सरकार को लेकर जनता के बीच सकारात्मक छवि है या फिर नकारात्मक। मंत्री तथा विधायकों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जुट जाएं। लोगों से मिले-जुलें। उनका दुख-दर्द सुनें और उनके समाधान का प्रयास करें।