'राजनीतिक अस्थिरता को भाजपा-पीडीपी जिम्मेदार'
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नेकां ने रियासत में राजनीतिक अस्थिरता के लिए भाजपा और पीडीपी को जिम्मेदार ठहराया है। दोनों दल राज्य की अवाम के बहुमत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दोनों ही दल अपने फायदे के लिए राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। मंगलवार को शेर-ए-कश्मीर भवन में पार्टी नेताओं से बैठक कर प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने कई निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजों पर चिंतन करके दोबारा वापसी करनी है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों के बीच जाकर काम करने पर जोर दिया। पार्टी की मजबूत वापसी के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
रियासत में हाल ही में बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया हुई है, लेकिन इसमें भाजपा और पीडीपी जनता के हितों को नजरअंदाज कर रही हैं। बैठक में उपप्रधान रतन लाल गुप्ता, ठाकुर कश्मीरा सिंह, शेख बशीर अहमद, बाबू रामपाल आदि मौजूद रहे।
चुनाव से पूर्व पीएम/सीएम नाम की घोषणा हो-उमर
नेकां के कार्यवाहक प्रधान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सियासी दलों को अपने चुनावी घोषणापत्र में चुनाव से पूर्व पीएम/सीएम के नामों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि लोगों को अपने प्रत्याशी को आगे लाने का मौका मिल सके।
टिवटर पर माइक्रोबलागिंग साइट पर उमर ने लिखा कि मतदाताओं को चुनाव के बाद अपने लिए फैसले पर निराशा नहीं होनी चाहिए।
उमर ने कहा कि चुनाव से पूर्व प्रत्याशियों में कम से कम एक या दो बार टीवी पर बहस होनी चाहिए। मैं जानता हूं कि चुनाव से पूर्व जेकेपीडीपी नेताओं ने ऐसी बहस से मना कर दिया था। लेकिन उम्मीद है कि किरनबेदी और अरविंद केजरीवाल इसके लिए तैयार हो जाएंगे