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भाजपा का मिशन '50 प्लस': जम्मू-कश्मीर में चुनावी वैतरणी पार लगाने को कद्दावर नेताओं की तलाश, जानिए क्यों चिंतित है हाईकमान?

Thu, 30 Sep 2021 05:56 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 30 Sep 2021 05:56 PM IST
सार

आरएस पुरा इलाके में पार्टी की ओर से बुलाई गई बुद्धिजीवियों की बैठक में जिस तरह का लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया उसने पार्टी के कान खड़े कर दिए। पिछले दिनों चैंबर के आह्वान पर सफल जम्मू बंद ने और चिंता बढ़ाई।

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BJP Mission 50 Plus in Jammu and Kashmir Looking for strong leaders in election
जे. पी. नड्डा, रवींद्र रैना - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में चुनाव की सुगबुगाहट के बीच चुनावी वैतरणी पार लगाने के लिए भाजपा को कद्दावर नेताओं की तलाश है। दिल्ली में शीर्ष स्तर के पार्टी नेता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रिपोर्ट और स्थानीय लोगों में आक्रोश को लेकर मिल रहीं सूचनाओं के बाद गहन चिंतन-मंथन में जुट गए हैं। उच्च स्तरीय बैठक में जनाधार वाले नेताओं को पार्टी में लाने पर सहमति बनी है। केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि चुनाव जीतने के लिए जनाधार वाले नेता को भगवा खेमे में लाना जरूरी है चाहे वह किसी भी दल का हो। तभी 50 प्लस का सपना साकार हो सकता है।

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अनुच्छेद-370 व 35-ए हटाए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व को भरोसा था कि प्रदेश में भाजपा को बेहतर माहौल मिलेगा और सरकार बनाकर देश-दुनिया को सकारात्मक संदेश दिया जा सकेगा। अगस्त 2019 के बाद दो साल में हुए पंचायत व निकाय चुनाव में भाजपा को सफलता भी मिली, लेकिन महंगाई व अन्य मुद्दों को लेकर धीरे-धीरे लोगों का मोहभंग हो रहा और उनमें आक्रोश पनपने लगा।
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आरएस पुरा इलाके में पार्टी की ओर से बुलाई गई बुद्धिजीवियों की बैठक में जिस तरह का लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया उसने पार्टी के कान खड़े कर दिए। पिछले दिनों चैंबर के आह्वान पर सफल जम्मू बंद ने और चिंता बढ़ाई। इसके कुछ दिनों बाद भाजपा कोर ग्रुप की हुई बैठक में इसकी काट खोजने की रणनीति बनाते हुए तय किया गया कि घर-घर तक पहुंचा जाए। लोगों के मुद्दे व समस्याओं को प्राथमिकता पर लिया जाए। जानकार बताते हैं कि फीडबैक के आधार पर ही केंद्रीय नेताओं के दौरे भी तय किए गए हैं ताकि आम जनता तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाया जा सके। 

सरकार बनाने के लिए 10 जिलों में भाजपा की स्थिति मजबूत होनी जरूरी

भाजपा का मानना है कि प्रदेश में सरकार बनाने के लिए कम से कम जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों में भाजपा की मजबूत स्थिति हो। अभी मुस्लिम बहुल राजोरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़, रामबन, रियासी में पार्टी को सीटें हासिल करने के लिए काफी मेहनत करने की जरूरत है। जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर में नेकां(नेशनल कांफ्रेंस), कांग्रेस, अपनी पार्टी व पैंथर्स समेत अन्य दलों से भी चुनौती मिलेगी। ऐसे में मुस्लिम बहुल जिलों में भी सेंधमारी जरूरी है। इसके लिए कट्टर हिंदुवादी छवि वाले नेता के बजाय सर्वमान्य नेता की जरूरत होगी जो जम्मू के हक और हित की आवाज उठा सके। जो बेरोजगारी तथा अन्य मुद्दों पर लोगों की भावनाओं पर बल दे। ताकि मुस्लिम समाज में पार्टी को अछूत मानने का दाग हट सके।

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