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जम्मू-कश्मीर में भाजपा को विपक्ष से कम अपनों से ज्यादा खतरा,चौधरी लाल सिंह सहित कई बड़े नेता हुए बागी
Thu, 07 Feb 2019 02:17 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 07 Feb 2019 02:17 PM IST
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BJP
- फोटो : फाइल
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जम्मू-कश्मीर में प्रदेश भाजपा को विपक्ष से कम अपनों से ज्यादा खतरा है। पिछले 2014 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव में से अब तक प्रदेश भाजपा में काफी कुछ बदल चुका है। 2014 के विधानसभा चुनाव में आरएस पुरा सीट से भाजपा की तरफ से जीते गगन भगत अब नेशनल कांफ्रेंस में शामिल हो चुके हैं।
वहीं बसोहली विधानसभा सीट से जीतकर राज्य सरकार में भाजपा की तरफ से मंत्री भी रह चुके चौधरी लाल सिंह डोगरा स्वाभिमान संगठन का गठन कर चुके है। लाल सिंह चुनाव आयोग में सियासी पार्टी को मान्यता देने का आवेदन भी कर चुके है और कठुआ-उधमपुर-डोडा संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं।
हालांकि प्रदेश भाजपा को अभी तक उनका इस्तीफा हासिल नहीं हुआ है। वहीं प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र रैना के अनुसार जब तक पूर्व विधायक चौधरी लाल का इस्तीफा पार्टी को नहीं मिलता तब तक वह इस विषय पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कह सकते है। इस बारे में चौधरी लाल सिंह की प्रतिक्रिया जानने के लिए उनसे कई बार संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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इसके अलावा चिनैनी विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक दीनानाथ भगत भी मंत्रीपद हासिल न होने पर भाजपा से नाराज रहे थे और खुलकर उन्होंने प्रदेश भाजपा के प्रति नाराजगी प्रकट की थी।
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वहीं बसोहली विधानसभा सीट से जीतकर राज्य सरकार में भाजपा की तरफ से मंत्री भी रह चुके चौधरी लाल सिंह डोगरा स्वाभिमान संगठन का गठन कर चुके है। लाल सिंह चुनाव आयोग में सियासी पार्टी को मान्यता देने का आवेदन भी कर चुके है और कठुआ-उधमपुर-डोडा संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं।
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हालांकि प्रदेश भाजपा को अभी तक उनका इस्तीफा हासिल नहीं हुआ है। वहीं प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र रैना के अनुसार जब तक पूर्व विधायक चौधरी लाल का इस्तीफा पार्टी को नहीं मिलता तब तक वह इस विषय पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कह सकते है। इस बारे में चौधरी लाल सिंह की प्रतिक्रिया जानने के लिए उनसे कई बार संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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इसके अलावा चिनैनी विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक दीनानाथ भगत भी मंत्रीपद हासिल न होने पर भाजपा से नाराज रहे थे और खुलकर उन्होंने प्रदेश भाजपा के प्रति नाराजगी प्रकट की थी।