मिशन 44 प्लस के लिए साफ सुथरी छवि को तरजीह
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भाजपा ने पहली सूची में साफ सुथरी और जुझारू छवि को तरजीह दी है। पार्टी ने स्थापित बड़े चेहरे को नकारने का साहस दिखाते हुए युवा नेतृत्व पर दांव लगाया है। विधानसभा चुनाव में 87 सीटों में से 44 प्लस हासिल करने के लिए पार्टी में हाल में शामिल हुए लोगों को भी टिकट दिए गए।
इस सूची में एक भी महिला का नाम नहीं है। महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के सिद्धांत का समर्थन करने वाली भाजपा की दूसरी सूची में महिलाओं के नाम आने की संभावना है। क्रास वोटिंग के आरोपी विधायकों की मनुहार पर छह को पार्टी में दोबारा शामिल तो कर लिया लेकिन इनमें से एक को भी टिकट नहीं दिया है।
टिकट काटने के पीछे भाजपा की रणनीति
रायपुर दोमाना से भारत भूषण का टिकट काटकर वालि भगत को, रियासी बलदेव राज की जगह अजय नंदा, बसोहली से जगदीश राज सपोलिया की जगह लाल सिंह, बनी से लालचंद को हटाकर जीवन, हीरानगर से दुर्गा दास के स्थान पर कुलदीप कुमार, और आरएसपुरा से गारू राम भगत का टिकट काटकर गगन भगत को आजमाने का फैसला लिया गया।
निष्कासित विधायकों को दोबारा पार्टी में लेने पर भाजपा की कुछ हलकों में आलोचना हो रही थी। इनके टिकट काटकर भाजपा ने आलोचकों को मुंह बंद करने को कोशिश की है। जम्मू पूर्व से विधायक अशोक खजूरिया की जगह राजेश गुप्ता को टिकट मिला है। राजेश गुप्ता पूर्व पार्षद और युवा हैं। खजूरिया विधायक दल के नेता रहे हैं। उनका टिकट कटना चर्चा में है।
दो दिन में आएगी उम्मीदवारों की दूसरी सूची
जम्मू पश्चिम से अभी चमनलाल गुप्ता विधायक हैं जो भाजपा से निष्कासित हैं और फिर से पार्टी में आने के लिए कवायद में जुटे हैं। पार्टी ने उन्हें या उनके पुत्र अनिल गुप्ता को भी तरजीह नहीं दी। इस सीट से सत शर्मा को टिकट मिला है जो प्रचार अभियान समिति के सचिव हैं।
प्रथम चरण में होने वाले चुनाव से संबंधित सीटों में से भी कुछ के लिए प्रत्याशियों के नाम तय नहीं हुए। गांदरबल सीट के लिए भी उम्मीदवार की घोषणा अभी नहीं हुई है। प्रथम चरण के चुनाव में नामांकन की अंतिम तारीख पांच नवम्बर है। लिहाजा भाजपा की दूसरी सूची एक-दो दिन में आना लगभग तय है।
पहले चरण के चुनाव के लिए गुरेज, बांदीपोरा, करगिल, झंस्कार, सोनवार सीटों के लिए उम्मीदवार भाजपा ने अभी तय नहीं किए हैं। पहली सूची में ही पांच विधायकों का टिकट काटकर भाजपा ने जोखिम उठाया है।
लाल सिंह पर भी खेला गया दांव
टिकट से वंचित विधायकों में से कुछ बागी प्रत्याशी के रूप में सामने आ सकते हैं। बसोहली से पूर्व सांसद लाल सिंह को टिकट दिया गया है। वह कांग्रेस छोड़कर हाल में ही पार्टीं में आए हैं।
इसके लिए विधायक जगदीश सपोलिया का टिकट काटा गया जिन्हें कुछ माह पहले ही दोबारा पार्टी में लिया गया था। पहले वह निष्कासित कर दिए गए थे।
पहली सूची में लाल सिंह की पत्नी कांता को टिकट नहीं दिया गया। लाल सिंह की जिद के आगे भाजपा नहीं झुकी।