कश्मीर: भाजपा ने 'मिशन सीएम' को गति दी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी मुहिम को गति दी है। इसके तहत भाजपा महासचिव राम माधव ने नवनिर्वाचित विधायकों और प्रमुख पदाधिकारियों से मंत्रणा की। नई दिल्ली से सोमवार को जम्मू पहुंचे माधव ने नई सरकार के गठन पर प्रमुख पदाधिकारियों के साथा वार्ता की।
भाजपा के स्थानीय नेताओं ने भाजपा के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर जोर दिया है। स्थानीय नेताओं ने भाजपा महासचिव से कहा कि जम्मू के मतदाताओं ने सरकार बनाने के लिए पार्टी को वोट दिया है। अगर भाजपा सरकार से बाहर रहती है तो वोटरों को निराशा होगी।
इसके अलावा अगर भाजपा को अलग रखकर कोई सरकार बनती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को उछाल सकती है। बैठक देर रात तक चली। सूत्रों के मुताबिक राम माधव ने पीडीपी या नेकां के साथ गठबंधन के संभावित फार्मूले पर बातचीत की।
क्षेत्रीय संतुलन के लिए सरकार में शामिल होना जरूरी
बैठक जम्मू- पठानकोट हाईवे के एक होटल में हुई जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पूर्व अध्यक्ष शमशेर सिंह मन्हास, संगठन महासचिव अशोक कौल, महासचिव कवीन्द्र गुप्ता, बालि भगत आदि मौजूद थे। बैठक में यह तय किया गया है कि अगर पीडीपी सीएम पद के लिए अड़ती है तो नेकां से बातचीत की जा सकती है।
इससे पहले भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष डा निर्मल सिंह दिल्ली में दो दिन तक आलाकमान से विचार विमर्श किया है। गौरतलब है कि पिछली सरकार में जम्मू संभाग से 9 मंत्री थे। इनमें से अकेले कांग्रेस के 8 मंत्री थे। जम्मू संभाग से नेशनल कांफ्रेंस का एक मंत्री था।
सरकार में भागीदारी से जम्मू संभाग के विकास को गति मिलती है। जम्मू की उपेक्षा को भाजपा ने चुनाव में मुद्दा बनाया था। अगर भाजपा की सरकार में भागीदारी नहीं होती है तो यह उपेक्षा बढ़ सकती है। क्षेत्रीय संतुलन के लिए भी भाजपा का सरकार में शामिल होना जरूरी है।
भाजपा नेताओं का मन टोटलने के बाद राम माधव मंगलवार को श्रीनगर जा सकते हैं। श्रीनगर में भाजपा महासचिव की पीडीपी नेताओं और अन्य विधायकों से मुलाकात संभव है।