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बिजली कटौती से लोगों का जीना मुहाल

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bijli
विजयपुर। कुछ दिनों से क्षेत्र में बिजली की भारी कटौती के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों में विभाग के खिलाफ रोष है।
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कांग्रेस पार्टी के विजयपुर ब्लॉक प्रधान रघुबीर सिंह बागल और क्षेत्र के रमेश कुमार, रमेश, दीपक कुमार, प्रदीप सिंह, जोगिंदर पाल आदि ने बताया कि काफी दिनों से बिजली कटौती इतनी ज्यादा हो रही है कि बुजुर्ग, किसान हर वर्ग परेशान है। क्योंकि इस समय बिजली कटौती का कोई नियम नहीं है। लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ घंटे बिजली मिलती है, लेकिन लो वोल्टेज के कारण वह भी काम नहीं करती। इस कारण पंखा, कूलर, टीवी आदि शोपीस बने हैं। लोगों ने विभाग से मांग की कि बिजली कटौती को कम किया जाए । संवाद
बारिश न होने से कंडी क्षेत्र में फलदार पौधे और सब्जियों को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बाड़ी ब्राह्मणा। ब्लॉक पंचायत कटवालता के किसान राम स्वरूप ने बताया कि क्षेत्र में बारिश न होने से फलदार पेड़ पौधे और सब्जियों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके चलते किसान काफी चिंतित हैं।
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उन्होंने बताया कि उनके इलाके में हॉर्टिकल्चर की मदद से फलदार पेड़ पौधे और सब्जियां बड़ी मात्रा में उगाई जाती हैं, समय पर मौसम के अनुकूल रहने से किसानों को उसका काफी फायदा होता है, लेकिन इस बार बारिश न होने से फलदार पेड़ पौधे और सब्जियां सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि लोगों ने सब्जियों और फलदार पौधों को पानी देने के लिए छोटे-छोटे डकबिल बनाए होते हैं, लेकिन पानी का स्तर इतना काम हो गया है कि डकबिल में से भी पानी सूख गया है, और एकमात्र बारिश का सहारा पेड़ पौधों और सब्जियों के लिए रह गई है। अगर समय पर बारिश नहीं हो पाती है या फिर बारिश में और देरी हो जाती है, तो इस बार किसानों को काफी बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि कृषि विशेषज्ञ और हॉर्टिकल्चर विभाग और अन्य विभागों की तरफ से उनके क्षेत्र में सब्जी और फलों के लिए लोगों को काफी प्रेरित किया गया है, जिससे लोगों ने भी उसका भरपूर फायदा उठाया है, लेकिन बावजूद उसके मौसम के अनुकूल नहीं होने से किसानों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, और बारिश ही एकमात्र सहारा है, जिससे पानी की आपूर्ति की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फलदार पेड़ पौधों में आंवला और नींबू की फसल भारी मात्रा में उनके क्षेत्र में किसानों द्वारा लगाई गई है, लेकिन बारिश में देरी होने की वजह से सारी फसल बर्बाद हो सकती है।
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