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Doda Bus Accident: चारों ओर भयावह मंजर... हर तरफ सिर्फ चीखें ही चीखें, लाशों का लगा था ढेर; बस काटकर निकाले शव
Thu, 16 Nov 2023 10:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 16 Nov 2023 10:35 AM IST
सार
किश्तवाड़ से जम्मू आ रही निजी बस के अस्सर में दुर्घटनाग्रस्त होने की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ओवरटेक करने के फेर में यह हादसा हुआ। इस मार्ग पर तीन बसें एक साथ चल रही थीं और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में यह बड़ा हादसा हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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Doda Bus Accident
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में अब तक के सबसे बड़े सड़क हादसे में 39 लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 घायल हो गए। घायलों में चार की हालत गंभीर है। हादसा किश्तवाड़-जम्मू हाईवे पर डोडा जिले के अस्सर के पास बुधवार को सुबह उस वक्त हुआ जब किश्तवाड़ से जम्मू आ रही सवारियों से भरी बस 300 फुट नीचे पुराने जम्मू-किश्तवाड़ हाईवे की सड़क पर गिर गई।
इससे पहले 2019 में किश्तवाड़ के संगवारी इलाके में मिनी बस के खाई में गिरने से 35 की मौत व 17 घायल हो गए थे। पुलिस ने बताया कि सुबह सवारियों से भरी बस (नंबर जेके02 सीएन 6555) किश्तवाड़ से जम्मू के लिए चली थी। सुबह 11.50 बजे यह बस अस्सर के त्रंगल पुल के पास पहुंची और वहां एक तीखे मोड़ पर 300 फीट नीचे सड़क पर जा गिरी।
जिस वक्त यह हादसा हुआ उसमें 55 यात्री सवार थे। दुर्घटनास्थल पर ही 36 सवारियों की मौत हो गई, जबकि 19 घायलों को स्थानीय निवासियों, पुलिस तथा सेना की मदद से मौके से निकाला गया। इनमें गंभीर रूप से घायल छह लोगों को एयरलिफ्ट कर सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू व डोडा रेफर किया गया।
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जम्मू में दो घायलों की मौत हो गई। एक घायल को जम्मू लाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार यह बस जर्जर थी और इसमें क्षमता से अधिक सवारी थे। इसी वजह से यह दुर्घटना हुई।
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इससे पहले 2019 में किश्तवाड़ के संगवारी इलाके में मिनी बस के खाई में गिरने से 35 की मौत व 17 घायल हो गए थे। पुलिस ने बताया कि सुबह सवारियों से भरी बस (नंबर जेके02 सीएन 6555) किश्तवाड़ से जम्मू के लिए चली थी। सुबह 11.50 बजे यह बस अस्सर के त्रंगल पुल के पास पहुंची और वहां एक तीखे मोड़ पर 300 फीट नीचे सड़क पर जा गिरी।
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जिस वक्त यह हादसा हुआ उसमें 55 यात्री सवार थे। दुर्घटनास्थल पर ही 36 सवारियों की मौत हो गई, जबकि 19 घायलों को स्थानीय निवासियों, पुलिस तथा सेना की मदद से मौके से निकाला गया। इनमें गंभीर रूप से घायल छह लोगों को एयरलिफ्ट कर सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू व डोडा रेफर किया गया।
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जम्मू में दो घायलों की मौत हो गई। एक घायल को जम्मू लाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार यह बस जर्जर थी और इसमें क्षमता से अधिक सवारी थे। इसी वजह से यह दुर्घटना हुई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घटना पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवार वालों को दो लाख तथा घायलों को 50 हजार रुपये सहायता देने की घोषणा की है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवार वालों को पांच लाख तथा घायलों को एक लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
भयानक मंजर, बस काटकर निकाले शव
दुर्घटनास्थल पर भयानक मंजर था। चारों ओर हादसे में मारे गए लोगों की लाशें बिखरीं पड़ी थी। खून से पूरा इलाका लाल हो गया था। घायलों की चीख पुकार पूरे इलाके में गूंज रही थी। घायलों की हालत इतनी गंभीर है कि वे घटना के बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। 300 फीट नीचे गिरने से बस के परखच्चे उड़ गए थे। कई शवों को बस काटकर निकालना पड़ा। कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिनकी पहचान करने में मुश्किलें आ रही थीं।
दुर्घटनास्थल पर भयानक मंजर था। चारों ओर हादसे में मारे गए लोगों की लाशें बिखरीं पड़ी थी। खून से पूरा इलाका लाल हो गया था। घायलों की चीख पुकार पूरे इलाके में गूंज रही थी। घायलों की हालत इतनी गंभीर है कि वे घटना के बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। 300 फीट नीचे गिरने से बस के परखच्चे उड़ गए थे। कई शवों को बस काटकर निकालना पड़ा। कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिनकी पहचान करने में मुश्किलें आ रही थीं।
हादसे में चालक की भी मौत
हादसे में बस चालक व खलासी की भी मौत हो गई। चालक शकील अहमद डोडा का रहने वाला था। बस का मालिक अब्दुल क्यूम बोंजवाह का रहने वाला है। जबकि खलासी रंगील सिंह किश्तवाड़ के पाडर के रहने वाले थे।
हादसे में बस चालक व खलासी की भी मौत हो गई। चालक शकील अहमद डोडा का रहने वाला था। बस का मालिक अब्दुल क्यूम बोंजवाह का रहने वाला है। जबकि खलासी रंगील सिंह किश्तवाड़ के पाडर के रहने वाले थे।
ओवरटेक करने के फेर में हुआ हादसा
किश्तवाड़ से जम्मू आ रही निजी बस के अस्सर में दुर्घटनाग्रस्त होने की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ओवरटेक करने के फेर में यह हादसा हुआ। इस मार्ग पर तीन बसें एक साथ चल रही थीं और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में यह बड़ा हादसा हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शुरुआती जानकारी में पता चला है कि यह बस 42 सीटर थी, लेकिन इसमें 55 यात्रियों को बिठाया गया था। बस रास्ते पर दौड़ते हुए दो अन्य बसों को ओवरटेक कर रही थी। तीनों बसों में आगे निकलने की होड़ मची थी। इसी बीच यह बस बेकाबू होकर खाई में गिर गई और बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद बचाव अभियान का एक वीडियो भी सामने आया है।
इलाके के सरपंच मोहम्मद अशरफ ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी मिलते ही वह स्थानीय लोगों के साथ तत्काल बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने बताया कि डोडा में कम से कम 10 दुर्घटनाएं हुईं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसा ही एक हादसा कुछ महीने पहले भी यहां हुआ था जिसमें कई लोगों की जान गई थी।
सड़क की मरम्मत के लिए छह लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन उसका दुरुपयोग कर दिया गया। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि जब उन्हें हादसे की जानकारी मिली तो वो तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे। वहां हर ओर चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। शव बिखरे पड़े थे, जिसे देख उनका कलेजा कांप उठा। तुरंत उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर बस में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। पुलिस को भी सूचित किया गया। लेकिन मौके पर कई जान गंवा चुके थे।