कश्मीर में पंचायत चुनाव के लिए नहीं टलेंगे लोकसभा उपचुनाव
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रियासत में पंचायत चुनाव के लिए लोकसभा उपचुनाव की तिथियां आगे बढ़ाने पर चुनाव आयोग सहमत नहीं है। निर्वाचन आयोग अन्य राज्यों के साथ ही जम्मू कश्मीर में भी लोकसभा उपचुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। श्रीनगर और अनंतनाग सीटों पर उपचुनाव अप्रैल में कराया जाना लगभग तय हो गया है।
आयोग इसी सप्ताह तिथियों की घोषणा कर सकता है। बदली हुई परिस्थितियों के कारण रियासत में पंचायत चुनाव की तिथियां आगे बढ़ाया जाना तय है। अब पंचायत चुनाव मई में ही हो पाएंगे। जम्मू कश्मीर सरकार ने अप्रैल में पंचायत चुनाव कराने के मद्देनजर चुनाव आयोग से लोकसभा उपचुनाव फिलहाल टालने की गुजारिश की थी।
आयोग ने इस मांग को खारिज कर दिया है। आयोग अगले दो-तीन दिनों में श्रीनगर और अनंतनाग के लिए मतदान की तिथियों का एलान कर सकता है। श्रीनगर और अनंतनाग के अलावा केरल में भी एक सीट पर उपचुनाव होना है। अन्य राज्यों में विधानसभा की 12 सीटों पर भी उपचुनाव एक साथ हो सकते हैं। आयोग उपचुनाव अप्रैल में कराना चाहता है।
8 चरणों में संपन्न होंगे पंचायत चुनाव
पीडीपी सांसद तारिक हमीद कर्रा के इस्तीफे के कारण श्रीनगर सीट खाली हुई है। अनंतनाग सीट से पीडीपी की महबूबा मुफ्ती विजयी हुई थीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद संसदीय सीट से उन्होंने इस्तीफा दिया था। जम्मू कश्मीर के निर्वाचन विभाग ने 15 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां शुरू की थी।
निर्वाचन विभाग ने पंचायत चुनावों को 8 चरणों में संपन्न कराने का निर्णय लिया है। पंचायत चुनावों को लोकसभा उपचुनाव से पहले कराने की योजना के सफल होने पर अब संदेह है। दरअसल आयोग राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी कर रहा है।
जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए लोकसभा और विधानसभा की खाली सीटों को भरा जाना है। जम्मू कश्मीर में पंचों के चुनाव के लिए 35000 वार्ड बनाए गए हैं। इससे पहले कश्मीर हिंसा के कारण पंचायत चुनाव टाल दिए गए थे।