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बीजेपी की जम्मू में घटी लोकप्रियता, इस मुद्दे पर बढ़ी लोगों में नाराजगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:51 AM IST
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सरकार में रहते हुए भी भाजपा को यह महसूस होने लगा है कि जम्मू में उसकी लोकप्रियता लगातार घट रही है। कारण स्थानीय मुद्दों के प्रति पार्टी का स्टैंड साफ न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ते जा रही है। लोगों में यह चर्चा होने लगी है कि सत्ता की खातिर भाजपा ने पीडीपी के आगे घुटने टेक दिए हैं।
यह सारे मुद्दे रविवार को सुचेतगढ़ में हुई भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में उठे। साथ ही लोगों की नाराजगी को देखते हुए यह हिदायत भी दी कि जम्मू के लोगों और कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं को पूरा करें ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी जम्मू और लद्दाख में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कार्यकर्ताओं और आम लोगों से फीडबैक मिला है कि राज्य सरकार में शामिल पार्टी के मंत्री कार्यकर्ताओं की नहीं सुनते हैं। उनकी वास्तविक समस्याओं का भी समाधान नहीं हो पाता है। जबकि गठबंधन सहयोगी अपने कार्यकर्ताओं के कामों को तवज्जो देते हुए उसे पूरा करा लेती है।
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जनजातीय मामलों की बैठक (जिसमें गुज्जर बक्करवालों से अतिक्रमण न हटाने की बात का कार्यवृत्त में जिक्र है), को लेकर जम्मू में लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। इसके साथ ही रोहिंग्याओं को हटाने के लिए भाजपा की ओर से दबाव न बनाने तथा घाटी के पत्थरबाजों की तरह अमरनाथ आंदोलन से जुड़े मुकदमे न हटने पर भी गुस्सा है।
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यह सारे मुद्दे रविवार को सुचेतगढ़ में हुई भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में उठे। साथ ही लोगों की नाराजगी को देखते हुए यह हिदायत भी दी कि जम्मू के लोगों और कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं को पूरा करें ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी जम्मू और लद्दाख में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
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भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कार्यकर्ताओं और आम लोगों से फीडबैक मिला है कि राज्य सरकार में शामिल पार्टी के मंत्री कार्यकर्ताओं की नहीं सुनते हैं। उनकी वास्तविक समस्याओं का भी समाधान नहीं हो पाता है। जबकि गठबंधन सहयोगी अपने कार्यकर्ताओं के कामों को तवज्जो देते हुए उसे पूरा करा लेती है।
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जनजातीय मामलों की बैठक (जिसमें गुज्जर बक्करवालों से अतिक्रमण न हटाने की बात का कार्यवृत्त में जिक्र है), को लेकर जम्मू में लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। इसके साथ ही रोहिंग्याओं को हटाने के लिए भाजपा की ओर से दबाव न बनाने तथा घाटी के पत्थरबाजों की तरह अमरनाथ आंदोलन से जुड़े मुकदमे न हटने पर भी गुस्सा है।
नौशेरा को जिला बनाने तथा कठुआ के रसाना कांड को लेकर चल रहे आंदोलन को भी पार्टी अपने खिलाफ पनप रहे गुस्से के रूप में देख रही है। यह सारी बातें राज्य कार्यकारिणी में उठी और राज्य के नेताओं को गंभीरता के साथ स्थानीय मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनने को कहा गया।
कश्मीर में हालात बदलने से नहीं बनेगी बात
भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कश्मीर में हालात बदलने तथा आतंकवादियों व अलगाववादियों पर शिकंजा कसने का राग अलापने से नेताओं को बचने की सलाह दी गई। कहा गया कि इससे बात नहीं बनेगी।
इससे पार्टी जम्मू संभाग में अपने जनाधार को नहीं बचाए रख सकती बल्कि इसके लिए जरूरी है कि यहां के मुद्दे के प्रति संवेदनशील बना जाए। लोगों की आम जरूरतें पूरी हों। युवाओं, बेरोजगारों, लघु उद्योगों, सीमांत ग्रामीणों के साथ ही रिफ्यूजियों के मुद्दे को हल करने के प्रति सचेत रहा जाए।
कश्मीर में हालात बदलने से नहीं बनेगी बात
भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कश्मीर में हालात बदलने तथा आतंकवादियों व अलगाववादियों पर शिकंजा कसने का राग अलापने से नेताओं को बचने की सलाह दी गई। कहा गया कि इससे बात नहीं बनेगी।
इससे पार्टी जम्मू संभाग में अपने जनाधार को नहीं बचाए रख सकती बल्कि इसके लिए जरूरी है कि यहां के मुद्दे के प्रति संवेदनशील बना जाए। लोगों की आम जरूरतें पूरी हों। युवाओं, बेरोजगारों, लघु उद्योगों, सीमांत ग्रामीणों के साथ ही रिफ्यूजियों के मुद्दे को हल करने के प्रति सचेत रहा जाए।