लांस नायक रंजीत सिंह की चिता जलने से पहले घर गूंजी किलकारी, हुईं हर आंख नम
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कहते हैं कुदरत के लिखे को कोई नहीं टाल सकता। ऐसा ही कुछ हुआ मंगलवार को सुंदरबनी सेक्टर में रविवार को शहीद हुए रंजीत सिंह के परिवार के साथ। मंगलवार को शहीद के अंतिम संस्कार से पहले उसकी पत्नी शिमू देवी ने सुबह पांच बजे एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद दोपहर 12 बजे शिमू पति के अंतिम दर्शन के लिए नवजात बच्ची के साथ एंबुलेंस से अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंची। जहां पूरे सैनिक सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को उसके भाई ने मुखाग्नि दी। इससे पहले भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों, विधायक रामबन और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
लांस नायक रंजीत सिंह रविवार को सुंदरबनी में एलओसी पर हुए बैट हमले में दो अन्य जवानों के साथ शहीद हो गया था। उसका पार्थिव शरीर सोमवार को देरी से उसके गांव सुलिगाम पहुंचा तो परिजनों ने एक दिन बाद मंगलवार को अंतिम संस्कार का फैसला किया।
विवाह के दस वर्ष बाद पहला बच्चा
सोमवार रात को ही रंजीत की गर्भवती पत्नी शिमू देवी को दर्द होने पर जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उसने सुबह पांच बजे बच्ची को जन्म दिया। विवाह के दस वर्ष बाद उनके परिवार में यह पहली बच्चा है। परिजनों ने बताया कि रंजीत दस साल बाद घर में नया मेहमान आने को लेकर काफी खुश था और डिलीवरी के समय पत्नी के साथ रहने के लिए छुट्टी लेकर आने वाला था।