बीफ बैन: JK हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
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जम्मू और कश्मीर में दो महीने के लिए गोमांस की बिक्री और पशु वध पर रोक लगाने केहाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट में तीन सदस्यीय पीठ की गठन का निर्देश देते हुए इस संबंध में कानून की वैधता और प्रतिबंध से संबंधित कानूनी मसले का निपटारा करने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस एचएल दत्तू और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की पीठ ने हाईकोर्ट के दो अलग-अलग पीठ के परस्पर विरोधी आदेशों को देखते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को बड़ी पीठ का गठन करने का निर्देश देते हुए इससे संबंधित कानूनी मसले का निपटारा करने के लिए कहा है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि इस पीठ का गठन श्रीनगर में किया जाए। साथ ही हाईकोर्ट की श्रीनगर और जम्मू पीठ के समक्ष चल रहे इससे संबंधित मसले को नई पीठ के पास भेजने के लिए कहा है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने जम्मू एवं कश्मीर सरकार द्वारा दाखिल याचिका का निपटारा कर दिया।
क्या थे परस्पर विरोधी आदेश
राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा था कि हाईकोर्ट के इन दो परस्पर विरोधी आदेशों से राज्य में कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इन आदेशों का दुरुपयोग हो सकता है और राज्य में शांति भंग हो सकती है। सरकार ने शीर्ष अदालत से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि न्यायिक आदेशों में समरूपता हो।
गत आठ सितंबर को जम्मू पीठ ने पुलिस को रणबीर पीनल कोड (आरपीसी) केउस प्रावधान को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए कहा था कि जिसमें राज्य में गोमांस की बिक्री पर रोक लगाने की बात है।
इसके एक हफ्ते केबाद श्रीनगर की पीठ ने गाय-बछड़े आदि जानवरों के वध पर प्रतिबंध संबंधी आरपीसी केप्रावधान को निरस्त करने की गुहार संबंधी याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।