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जम्मू यूनिवर्सिटी के खिलाफ खड़े हुए बीएड कालेज

Sat, 27 Jun 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 27 Jun 2015 12:13 AM IST
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bed colleges came alinged againset jammu university

जम्मू संभाग में बीएड और एमएड कोर्सों की समय अवधि दोगुनी करके दो साल कर देने के खिलाफ निजी बीएड कालेज लामबंद हो गए हैं। प्रदर्शनी मैदान के बाहर शुक्रवार को बीएड कालेजों के प्रशासन के साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों ने फोरम आफ रिकोग्नाइज्ड कालेजेस (फोर्स) के बैनर तले जम्मू विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया। उन्होंने साफ किया कि अगर नए नियम लागू करने हैं तो उन्हें पूरी रियासत में लागू किया जाए।

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जम्मू से शिक्षा के क्षेत्र में भेदभाव बंद किया जाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और कई पूर्व मंत्री शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई बैनर पकड़ रखे थे। फोर्स के प्रधान एवं पूर्व मंत्री हरबंस सिंह ने कहा कि अगर बीएड और एमएड कोर्सों की समय अवधि को 2015-16 सेशन में बढ़ाने के लिए जस्टिस वर्मा रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू किया गया है तो इसे कश्मीर विश्वविद्यालय में भी शुरू किया जाए।
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जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालयों में एक चांसलर (राज्यपाल) है। फिर जम्मू संभाग के लिए अलग से नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं। ऐसे कोर्सों की समय अवधि बढ़ने से संभाग के करीब 70 मान्यता प्राप्त बीएड कालेजों के बंद होने का संकट बढ़ गया है। ऐसी व्यवस्था में जम्मू के विद्यार्थी भी दूसरे राज्यों या कश्मीर में ऐसे कोर्सों को सिर्फ एक साल में करने में तवज्जो देंगे।
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इसके अलावा कोर्सों की अवधि बढ़ने से कश्मीर के उम्मीदवारों की तुलना में जम्मू के युवाओं को रोजगार के साधन देरी से मिल पाएंगे। फोर्स के पैटरन एवं पूर्व मंत्री आरएस चिब ने कहा कि जम्मू विश्वविद्यालय ऐसे गलत नियमों को बीएड कालेजों पर थोप रहा है। इसका विद्यार्थी भी विरोध कर रहे हैं। पूर्व मंत्री गुलचैन सिंह चाड़क ने कहा कि सरकार को दबाव बनाकर बीएड और एमएड कोर्सों की समय अवधि बढ़ाने में कम करना चाहिए।


इसी तरह जम्मू संभाग में बीएड की तीन सौ सीटों को घटाकर 100 सीट किया जाना भी दुर्भाग्यपूर्ण है। कश्मीर में बीएड के लिए स्नातक में 45 फीसदी अंक होने चाहिए। लेकिन जम्मू में 50 फीसदी अंक लेने वाले उम्मीदवाद को ही कोर्स कराया जाता है। इस मौके पर अशोक खजूरिया, पूजा मल्होत्रा, पूर्व मंत्री रामपाल, केके बख्शी, टीएम तारिक राजोरी, कुलदीप वाही, अरुण शर्मा आदि मौजूद रहे।

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