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Jammu News: अब घोटाले का गड़ा बांस, पौधों के जाले को सहारा देने के लिए लोहे के एंगल के बजाय लगा दिए बांस
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अलग-अलग परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई जगह तो काम सवालों के घेरे में है तो किसी स्थान पर कागजों में विकास की तस्वीर दिखाई जा रही है। फरवरी में स्मार्ट सिटी कंपनी की किताब में भूूमिगत कूड़ेदान बिछाने की परियोजना पूरी हो गई थी। इसके लिए 1.65 करोड़ स्वीकृत हुए थे। परियोजना के तहत 60 से ज्यादा भूमिगत कूड़ेदान बिछाए जाने थे। हकीकत में किसी जगह कूड़ेदान नहीं लगा था। अब बीसी रोड से डोगरा चौक तक सजावटी पौधों को बचाने के लिए लोहे के एंगल लगाने में घोटाला सामने आया है।
दरअसल, मई में शहर की सौंदर्यता बढ़ाने व स्वच्छ वातावरण के उद्देश्य को पूरा करने के लिए ढाई किलोमीटर तक सड़क किनारे पौधे लगाने पर काम शुरू हुआ था। 15 दिन में पांच लाख की लागत से अलग-अलग फूलों की किस्म के करीब 800 पौधे लगाए गए। इन्हें गिरने से बचाने के लिए लोहे के एंगल लगाए जाने थे, लेकिन बांस खड़े कर दिए गए। ऐसे में आंधी और भारी बारिश में पौधे गिर सकते हैं, जिससे सीधे तौर पर लोगों के पैसों की बर्बादी होगी। साथ ही शहर की सुंदरता को स्मार्ट सिटी कंपनी की लापरवाही का दाग लगेगा। अब सवाल उठते हैं कि क्या कंपनी की ओर से ठेका देने के बाद काम की जांच नहीं की जाती, क्या ठेकेदार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल इसका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है। अधिकारियों का दावा है कि जांच करवाई जाएगी। मगर कब, ये किसी को पता नहीं है।
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जम्मू। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अलग-अलग परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई जगह तो काम सवालों के घेरे में है तो किसी स्थान पर कागजों में विकास की तस्वीर दिखाई जा रही है। फरवरी में स्मार्ट सिटी कंपनी की किताब में भूूमिगत कूड़ेदान बिछाने की परियोजना पूरी हो गई थी। इसके लिए 1.65 करोड़ स्वीकृत हुए थे। परियोजना के तहत 60 से ज्यादा भूमिगत कूड़ेदान बिछाए जाने थे। हकीकत में किसी जगह कूड़ेदान नहीं लगा था। अब बीसी रोड से डोगरा चौक तक सजावटी पौधों को बचाने के लिए लोहे के एंगल लगाने में घोटाला सामने आया है।
दरअसल, मई में शहर की सौंदर्यता बढ़ाने व स्वच्छ वातावरण के उद्देश्य को पूरा करने के लिए ढाई किलोमीटर तक सड़क किनारे पौधे लगाने पर काम शुरू हुआ था। 15 दिन में पांच लाख की लागत से अलग-अलग फूलों की किस्म के करीब 800 पौधे लगाए गए। इन्हें गिरने से बचाने के लिए लोहे के एंगल लगाए जाने थे, लेकिन बांस खड़े कर दिए गए। ऐसे में आंधी और भारी बारिश में पौधे गिर सकते हैं, जिससे सीधे तौर पर लोगों के पैसों की बर्बादी होगी। साथ ही शहर की सुंदरता को स्मार्ट सिटी कंपनी की लापरवाही का दाग लगेगा। अब सवाल उठते हैं कि क्या कंपनी की ओर से ठेका देने के बाद काम की जांच नहीं की जाती, क्या ठेकेदार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल इसका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है। अधिकारियों का दावा है कि जांच करवाई जाएगी। मगर कब, ये किसी को पता नहीं है।
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