जम्मू-कश्मीरः बैंक कर्मियों की हड़ताल से 400 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित
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देशव्यापी स्तर पर बुधवार को श्रमिक संघों के भारत बंद का असर जम्मू-कश्मीर में दिखा। हड़ताल में राष्ट्रीय बैंकों के हजारों कर्मचारियों ने शामिल होकर विरोध दर्ज कराया। इससे जम्मू-कश्मीर के राष्ट्रीय बैंकों में करीब 400 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
बैंकों के बंद रहने से कामकाज ठप रहा। राष्ट्रीय बैंकों के बंद रहने के कारण अन्य निजी बैंकों की क्लीयरिंग भी प्रभावित हुई। कई बैंक शाखाएं पूरी तरह से नहीं खुलीं। कर्मचारी श्रमिक विरोधी नीतियों, बैंकों का विलय करने, निजीकरण और आर्थिक नीतियों आदि का विरोध कर रहे हैं।
प्रदेश में बुधवार को राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। इनमें अधिकांश बैंकों के बंद रहने के कारण लोगों को लेनदेन के लिए परेशान होना पड़ा। दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों में हेडक्वार्टरों के बंद रहने से क्लीयरिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई। हड़ताल से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, जेएंडके बैंक, एचडीएफसी सहित अन्य निजी बैंकों के कर्मचारी बाहर रहे। लेकिन सरकारी बैंकों के बंद रहने के कारण उनकी भी क्लीयरिंग प्रभावित हुई।
सरकार को इस आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए- जेपीबीईएफ
जम्मू प्रोविंस बैंक इंप्लाइज फेडरेशन (जेपीबीईएफ) के बैनर तले कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा। जेपीबीईएफ के महासचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार की आर्थिक नीतियां गुमराह करने का काम कर रही हैं। सरकार कर्मचारियों के भविष्य को नजरअंदाज करके बैंकों का विलय करने पर काम कर रही है। इससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।
कहा कि सरकार को इस आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए। कर्मचारी अपनी जायज मांगों के लिए अपने संघर्ष को तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर में 9 युनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन सक्रिय हैं। जिसमें चार आफिसर्स और पांच वर्कर्स मेन यूनियन हैं। इनमें से तीन वर्कर्स और एक आफिसर्स यूनियन ने हड़ताल को समर्थन दिया है। जिससे देश व्यापी स्तर पर हड़ताल सफल रही है।