फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Baba Chamliyal Mela started in samba jammu kashmir, pakistan pilgrims could not visit

बाबा चमलियाल मेले का विधिवत आगाज, इस वजह से पाकिस्तानी श्रद्धालु रह गए प्रसाद से वंचित

Fri, 28 Jun 2019 02:05 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Fri, 28 Jun 2019 02:05 AM IST
सार

  • तनाव के कारण नहीं हुआ उपहारों का आदान-प्रदान, 
  • शक्कर शरबत से वंचित रहे पाकिस्तानी श्रद्धालु
  • डीसी और एसएसीपी ने मजार पर पहुंच कर नवाया शीश

विज्ञापन
Baba Chamliyal Mela started in samba jammu kashmir, pakistan pilgrims could not visit
बाबा चमलियाल की दरगाह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में सांबा जिले के रामगढ़ स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाबा चमलियाल की दरगाह पर चादर चढ़ाने के साथ ही तीन दिवसीय प्रसिद्ध मेले का वीरवार से विधिवत आगाज हो गया। इस अबसर पर डीसी सुषमा चौहान और एसएसपी डॉ. कौशल शर्मा ने मजार पर माथा टेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, तालाब की परक्रमा कर शक्कर व शरबत भी ग्रहण किया। 
विज्ञापन


पूर्व मंत्री सरदार मंजीत सिंह ने भी मजार पर पहुंच कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मजार पर दिनभर श्रद्धालुओं का हुजूम उड़ा रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर चढ़ा कर अमन और शांति की कामना की। मेले में पाकिस्तानी रेंजरों को आमंत्रित नहीं किया गया था, जिस कारण इस बार भी न तो उनकी तरफ से चादर चढ़ाई गई और न ही भारत की ओर से शक्कर और शरबत दिया गया।
विज्ञापन


तनाव के कारण बढ़ी दूरियां
पहले मेले का आयोजन बीएसएफ की ओर से किया जाता था। कुछ साल से जिला प्रशासन मेले का आयोजन का रहा है। पिछले साल पाकिस्तानी रेंजरों की ओर से घात लगा कर किए गए हमले में बीएसएफ के जवानों के शहीद होने से मेले को स्थगित कर दिया गया था। इस बार भी तनाव बरकरार है, जिस कारण पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को पिछली बार की तरह इस बार भी शक्कर और शरबत नहीं भेजी जाएगी। यह दूसरा मौका नहीं है कि ऐसा हुआ हो। इससे पहले कारगिल युद्ध और 2005 में सीमा पर उत्पन्न तनाव के कारण मेले का आयोजन नहीं हो पाया था। उस दौरान बीएसएफ के जवानो ने दग गांव में अस्थाई मजार बना कर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए थे और शक्कर व शरबत वितरित किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

"प्रशासन की ओर से मेले के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बिजली, पानी, मार्ग व यातायात की पूरी व्यवस्था है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं हो।" -विजय कुमार शर्मा, एसडीएम



उपचार से रुक गया है रोग
मजार के पास उपचार करवा रहे उत्तर प्रदेश के विजय चौरसिया ने बताया की उन्हें चर्म रोग हो गया था। टीवी में देखा था कि बाबा चमलियाल की दरगाह में आने से रोग से मुक्ति मिलती है। शक्कर और शरबत इसके लिए काफी लाभदायक है। गत 12 दिन से यहां पर हूं और कुछ राहत महसूस हो रही है। रोग फैलने से रुक गया है।

शक्कर, शरबत के लिए दिनभर उमड़ी रही भीड़
मजार के निकट तालाब और कुएं पर श्रद्धालुओं का तांता शक्कत और शरबत के लिए दिनभर लगा रहा। मान्यता है कि शक्कत और शरबत का लेप लगाने से चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed