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Jammu News: एक दिवसीय जागरूकता शिविर, अधिक वजन व धूम्रपान भी हृदय रोग के कारण
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। युवाओं में हृदय संबंधी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए जागरूक होना जरूरी है। सही खानपान और देखभाल के साथ बीमारी से बचा जा सकता है। यह बात जीएमसीएच जम्मू के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुशील शर्मा ने एक दिवसीय हृदय जागरूकता शिविर में कही। वजीर जानकी नाथ मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल रानी बाग में आयोजित शिविर में उन्होंने कहा कि लोगों, विशेष रूप से युवा पीढ़ी को अच्छी जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए।
हृदय संबंधी बीमारियों की प्राथमिक रोकथाम पर जोर देते बताया कि एथेरोस्क्लेरोसिस बचपन में शुरू होता है और वर्तमान में विकसित व विकासशील दोनों देशों में बच्चों में हृदय संबंधी बीमारियों का प्रचलन बढ़ रहा है। इसका कारण अधिक वजन व धूम्रपान भी है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापे से ग्रस्त बच्चों को बीमारी अधिक प्रभावित करती है। 0 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों में धमनी उच्च रक्तचाप की अनुमानित व्यापकता 3 से 5 प्रतिशत तक है। प्रधानाचार्य हिमालिनी सिंह वजीर, डिंपल शर्मा, अंजू राजपूत, यशवर्धन सिंह, मंजीत सिंह और राघिनी सिंह वजीर ने डॉ. सुशील और उनकी टीम के प्रयास की सराहना की। इस मौके पर डॉ. नासिर अली चौधरी, डॉ. यशवंत शर्मा और डॉ. धनेश्वर कपूर ने सेवाएं दीं।
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जम्मू। युवाओं में हृदय संबंधी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए जागरूक होना जरूरी है। सही खानपान और देखभाल के साथ बीमारी से बचा जा सकता है। यह बात जीएमसीएच जम्मू के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुशील शर्मा ने एक दिवसीय हृदय जागरूकता शिविर में कही। वजीर जानकी नाथ मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल रानी बाग में आयोजित शिविर में उन्होंने कहा कि लोगों, विशेष रूप से युवा पीढ़ी को अच्छी जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए।
हृदय संबंधी बीमारियों की प्राथमिक रोकथाम पर जोर देते बताया कि एथेरोस्क्लेरोसिस बचपन में शुरू होता है और वर्तमान में विकसित व विकासशील दोनों देशों में बच्चों में हृदय संबंधी बीमारियों का प्रचलन बढ़ रहा है। इसका कारण अधिक वजन व धूम्रपान भी है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापे से ग्रस्त बच्चों को बीमारी अधिक प्रभावित करती है। 0 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों में धमनी उच्च रक्तचाप की अनुमानित व्यापकता 3 से 5 प्रतिशत तक है। प्रधानाचार्य हिमालिनी सिंह वजीर, डिंपल शर्मा, अंजू राजपूत, यशवर्धन सिंह, मंजीत सिंह और राघिनी सिंह वजीर ने डॉ. सुशील और उनकी टीम के प्रयास की सराहना की। इस मौके पर डॉ. नासिर अली चौधरी, डॉ. यशवंत शर्मा और डॉ. धनेश्वर कपूर ने सेवाएं दीं।
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