{"_id":"faa98600cdb40a9150ea1f84fb3ad4eb","slug":"attachments-cancel-of-government-teachers-in-jammu-and-kashmir-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रियासत के शिक्षकों को पहाड़ चढ़ना मंजूर नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रियासत के शिक्षकों को पहाड़ चढ़ना मंजूर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 31 Jan 2015 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्यपाल शासन लगते ही पूरे राज्य में सरकारी शिक्षकों के अटैचमेंट के आर्डर को रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद शिक्षकों को मजबूरन अपने पुराने स्कूलों में लौटना पड़ा है। इसको लेकर शिक्षक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
विज्ञापन
इन शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इन सभी को दूर दराज पहाड़ी इलाकों पर स्थित सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए जाना पड़ा है। जबकि शिक्षकों को पहाड़ चढ़ना मंजूर नहीं हैं। अब सभी मजबूरन पहाड़ चढ़कर स्कूलों में पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
राज्य में स्थित सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी को लेकर अक्सर लोगों को विरोध करते हुए देखा जाता है। शहरी इलाकों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त है, लेकिन दूर दराज ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूलों में स्टाफ जरूरत से कहीं कम है।
विज्ञापन
स्टाफ कम होने का मुख्य कारण शिक्षकों का दुर्गम क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में जाने के लिए तैयार नहीं होना है। क्योंकि यह शिक्षक लंबा पैदल सफर तय करके स्कूलों में जाने के लिए तैयार नहीं है। इनके शिक्षकों के लिए पहाड़ चढ़ना काफी मुश्किल है।
इसी कारण पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में स्टाफ की कमी बढ़ती है और विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होती है। लेकिन अब राज्यपाल द्वारा अटैचमेंट रद्द किए जाने के आदेश के बाद शिक्षकों को मजबूरन पहाड़ चढ़कर स्कूलों में जाना पड़ रहा है। शिक्षकों के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में पहुंचने के बाद विद्यार्थियों को भी काफी राहत मिली है।