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छात्रों ने तय किए भाजपा उम्मीदवारों के नाम?
Updated Wed, 05 Nov 2014 12:24 PM IST
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नए लोगों में काफी जोश भी दिखाई दे रहा है, जो अपने उम्मीदवारों के जीतने का भरोसा रखते हैं। कुछ लोगों से बात करने पर उन्होंने कहा कि नए उम्मीदवार पार्टी को बड़ी जीत दिलाएंगे। क्योंकि उन पर विश्वास सोच समझ कर किया गया है।
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पार्टी के ही सूत्र बतातें हैं कि टिकट देने से पहले पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा होमवर्क किया। पार्टी ने दिल्ली से एक सर्वे की टीम तैयार की, जिसने कुछ स्टूडेंट्स की मदद से मिलकर राज्य के विधानसभा चुनाव का सर्वेक्षण किया।
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इसमें टीम ने लोगों से पूछा कि भाजपा के विधायक ने कैसे काम किया है और यदि उसे दोबारा टिकट मिलता है तो क्या वह जीत पाएगा या नहीं। जिन क्षेत्रों में भाजपा को चुनाव जीतने की उम्मीद थी, वहां भी सर्वेक्षण करवाया।
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बागियों से निपटने का भी जुगाड़
जिन लोगों को टिकट नहीं मिला, उनके सर्मथकों के प्रदर्शन से निपटने और उन्हें समझाने की रणनीति भी भाजपा तैयार कर रही है। भाजपा कार्यालय में सुरक्षा भी बढ़ाई गई है, ताकि कोई हल्ला न कर सके।
नए चेहरों को दिया गया मौका
राज्य में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने दो पहले ही 45 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, इसमें अधिकतर नए चेहरे शामिल है। इसका असर पार्टी पर किस कदर पड़ा है, इसका अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि पार्टी के प्रदेश कार्यालय में नए चेहरों का जमावड़ा लग रहा है।
कार्यालय में पहुंचने वाले अधिकतर लोग नए उम्मीदवारों के समर्थक और कार्यकर्ता हैं। कार्यालय की हवा बदली बदली नजर आ रही है। दो दिन पहले जो लोग कार्यालय में विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए पहुंच रहे थे, वह अब यहां पहुंच कर अपने आप को अजनबी समझने लगा है।
कोनों में खड़े होकर इस बात की चर्चा आम हो रही है कि सामने वाला खड़ा कार्यकर्ता कौन है? कार्यालय में नए चेहरों की भीड़ इस कदर है कि आने वाले लोग एक दूसरे को बहुत कम जानते हैं या फिर जानते ही नहीं।
कार्यालय में पहुंचने वाले अधिकतर लोग नए उम्मीदवारों के समर्थक और कार्यकर्ता हैं। कार्यालय की हवा बदली बदली नजर आ रही है। दो दिन पहले जो लोग कार्यालय में विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए पहुंच रहे थे, वह अब यहां पहुंच कर अपने आप को अजनबी समझने लगा है।
कोनों में खड़े होकर इस बात की चर्चा आम हो रही है कि सामने वाला खड़ा कार्यकर्ता कौन है? कार्यालय में नए चेहरों की भीड़ इस कदर है कि आने वाले लोग एक दूसरे को बहुत कम जानते हैं या फिर जानते ही नहीं।