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Jammu News: डॉक्टर नदारद, कान दर्द से कराहती रही चार साल की बच्ची, फोन पर मिला इलाज
Tue, 25 Nov 2025 02:17 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 25 Nov 2025 02:17 AM IST
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अरनिया अस्पताल में बच्ची को गोद में लेकर चुप कराते पिता स्रोत संवाद
अरनिया प्राइमरी हेल्थ सेंटर की व्यवस्थाएं लगातार दूसरे दिन भी चरमराई
मरीजों की अस्पताल में तैनात स्टाफ के साथ बहसबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। अरनिया प्राइमरी हेल्थ सेंटर की व्यवस्थाएं लगातार दूसरे दिन भी चरमराई रहीं। सोमवार को अस्पताल में तैनात डॉक्टर अनुपस्थित रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि अस्पताल का पूरा कामकाज लगातार दूसरे दिन जूनियर स्टाफ नर्स के सहारे चलता रहा।
शाम को उपचार के लिए आई चार साल की बच्ची कान दर्द से कराहती रही, लेकिन डॉक्टर के न होने से उसका इलाज नहीं हो सका। बच्ची के पिता ने अस्पताल स्टाफ से नाराजगी जताई और अन्य मरीजों के साथ मिलकर डॉक्टर की अनुपस्थिति पर मौजूदा स्टाफ के साथ बहस शुरू हो गई। बहसबाजी के चलते और लोग एकत्रित हो गए। बच्ची के पिता ने स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को फोन पर स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद निदेशक ने डॉक्टर से संपर्क कराया और बच्ची को फोन पर ही प्राथमिक उपचार के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर की नियमित अनुपस्थिति से मरीजों को हर दिन परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में बच्ची का इलाज कराने पहुंचे नवीन सैनी ने बताया कि बच्ची के कान में दर्द हो रहा था और अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। जूनियर स्टाफ अपने हिसाब से मरीज की दवाई लिख इलाज कर रहा है जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि बच्ची के इलाज के लिए निदेशक स्वास्थ्य विभाग को फोन करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अरनिया अस्पताल की हालत दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
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पिछले 2 दिन से डॉक्टर अस्पताल से गैरहाजिर हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। मरीज प्राइवेट क्लीनिक में जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की गैरहाजिरी करवाकर प्राइवेट क्लीनिक को बढ़ावा दे रहा है। अगर भविष्य में डॉक्टर तैनात नहीं हुआ तो लोग धरना प्रदर्शन करेंगे।
सोनू पंडित, समाज सेवक
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मरीजों की अस्पताल में तैनात स्टाफ के साथ बहसबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। अरनिया प्राइमरी हेल्थ सेंटर की व्यवस्थाएं लगातार दूसरे दिन भी चरमराई रहीं। सोमवार को अस्पताल में तैनात डॉक्टर अनुपस्थित रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि अस्पताल का पूरा कामकाज लगातार दूसरे दिन जूनियर स्टाफ नर्स के सहारे चलता रहा।
शाम को उपचार के लिए आई चार साल की बच्ची कान दर्द से कराहती रही, लेकिन डॉक्टर के न होने से उसका इलाज नहीं हो सका। बच्ची के पिता ने अस्पताल स्टाफ से नाराजगी जताई और अन्य मरीजों के साथ मिलकर डॉक्टर की अनुपस्थिति पर मौजूदा स्टाफ के साथ बहस शुरू हो गई। बहसबाजी के चलते और लोग एकत्रित हो गए। बच्ची के पिता ने स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को फोन पर स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद निदेशक ने डॉक्टर से संपर्क कराया और बच्ची को फोन पर ही प्राथमिक उपचार के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर की नियमित अनुपस्थिति से मरीजों को हर दिन परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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अस्पताल में बच्ची का इलाज कराने पहुंचे नवीन सैनी ने बताया कि बच्ची के कान में दर्द हो रहा था और अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। जूनियर स्टाफ अपने हिसाब से मरीज की दवाई लिख इलाज कर रहा है जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि बच्ची के इलाज के लिए निदेशक स्वास्थ्य विभाग को फोन करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अरनिया अस्पताल की हालत दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
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पिछले 2 दिन से डॉक्टर अस्पताल से गैरहाजिर हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। मरीज प्राइवेट क्लीनिक में जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की गैरहाजिरी करवाकर प्राइवेट क्लीनिक को बढ़ावा दे रहा है। अगर भविष्य में डॉक्टर तैनात नहीं हुआ तो लोग धरना प्रदर्शन करेंगे।
सोनू पंडित, समाज सेवक