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कश्मीर में हिंसा के बाबजूद सेना ने बेटियों की पढ़ाई पर नहीं आने दी आंच

Tue, 04 Oct 2016 02:05 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Tue, 04 Oct 2016 02:05 PM IST
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ARMY SCHOOLS CONTINUED STUDIES WHILE VOILANCE IN KASHMIR
कश्मीर में तैनात सेना - फोटो : File Photo
हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सेना से मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा ने घाटी के तमाम बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा दिया था । पर इन मुश्किल हालातों में भी  सेना नें अपने स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर आंच नहीं आने दी ।
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जिस समय पूरी कश्मीर घाटी में सेना पर पत्थर फेंके जा रहे थे उस वक्त भी सेना नें आर्मी स्कूलों में पढ़ने वाले कश्मीरी बच्चों की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया । कश्मीर में लगातार जारी कर्फ्यू और पाबंदियों के बीच भी सेना के द्वारा संचालित होने वाले आर्मी स्कूलों और केंद्रीय विद्यालयों में पठन पाठन का काम जारी रहा ।
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सेना के स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा संजना नें अमर उजाला से बातचीत में बताया कि हिंसा के मुश्किल हालातों में भी स्कूल 3-4 दिनों के लिए ही बंद हुआ था । इसके बाद स्कूलों में पढ़ाई लिखाई फिर से शुरू करा दी गई । 
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जम्मू-कश्मीर सरकार के स्कूलों में पढ़ाई हुई है बाधित

ARMY SCHOOLS CONTINUED STUDIES WHILE VOILANCE IN KASHMIR
Army Goodwill School - फोटो : File Photo
सेना के इन स्कूलों में अब परीक्षाएं शुरू होने को हैं और सारे बच्चे अब इसी तैयारी में जुटे हुए हैं । आर्मी स्कूल में पढ़ाई का माहौल न बिगड़ने से जहां बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बच गया है वहीं बच्चों के मां बाप भी इस बात से बेहद खुश हैं । 

बच्चों का सेलेबस भी समय से पूरा होने को है जिसके कारण अब इन्हें अपनी सालाना परीक्षाओं में कोई समस्या आने की उम्मीद नहीं है । इस कारण बच्चों में खुशी का माहौल है । वहीं हिसा के दौरान जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा संचालित होने वाले स्कूलों में लगातार ढ़ाई महीने से ज्यादा समय तक छुट्टी होने के वजह से पढ़ाई बाधित रही है ।

पढ़ाई न होने के वजह से इन स्कूलों में 40 फीसदी सेलेबस ही पूरा हो सका है जिसके कारण बच्चों को नवंबर में होने वाली परीक्षाओं में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है । 
 
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