{"_id":"60f86f7f8ebc3efbe4431b2a","slug":"approval-for-construction-will-be-given-only-on-dispute-free-land-certificate-jammu-city-news-jmu239944825","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाद मुक्त भूमि प्रमाणपत्र पर ही निर्माण की दी जाएगी मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाद मुक्त भूमि प्रमाणपत्र पर ही निर्माण की दी जाएगी मंजूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। सड़क एवं भवन निर्माण की परियोजनाओं की निविदा जारी करने से पूर्व अब यह सुनिश्चित करना होगा कि भूमि को लेकर कोई विवाद नहीं है। परियोजनाओं में लेटलतीफी दूर करने के लिए सड़क एवं भवन निर्माण विभाग में विभागाध्यक्षों व एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों के लिए सरकार ने सर्कुलर जारी कर सात सूत्रीय दिशा निर्देश जारी किए हैं।
विभाग के संयुक्त निदेशक शेख शाविज की ओर से जारी सर्कुलर के तहत विभागाध्यक्षों से कहा गया हैं कि यूटी सेक्टर की परियोजनाओं में अब विवाद मुक्त भूमि प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। इसके अलावा भूमि मुआवजा, वन क्लीयरेंस के लिए धनराशि उपलब्ध होनी चाहिए व डीपीआर में बिजली और पानी के अलावा एप्रोच रोड को शामिल किया गया हो। जम्मू-कश्मीर इंजीनियरिंग मैन्युअल 2020 के तहत निविदा दस्तावेज तैयार किया जाना चाहिए। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से ही काम को आवंटित किया जाएगा। सक्षम प्राधिकरण से तकनीकी मंजूरी के बाद ही सफल बिडर को काम आवंटित होगा। विवाद मुक्त भूमि का प्रमाणपत्र न होने पर चीफ इंजीनियर, डेवलपमेंट कमिश्नर, एसई और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर निर्माण कार्य की मंजूरी नहीं देंगे। सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के सभी इंजीनियरों को सर्कुलर के तहत दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है। उल्लेखनीय है कि भूमि अधिग्रहण के मामले कोर्ट में लंबित होने के अलावा अन्य कई वजहों से परियोजनाओं में लेटलतीफी होती रही है।
विज्ञापन
विभाग के संयुक्त निदेशक शेख शाविज की ओर से जारी सर्कुलर के तहत विभागाध्यक्षों से कहा गया हैं कि यूटी सेक्टर की परियोजनाओं में अब विवाद मुक्त भूमि प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। इसके अलावा भूमि मुआवजा, वन क्लीयरेंस के लिए धनराशि उपलब्ध होनी चाहिए व डीपीआर में बिजली और पानी के अलावा एप्रोच रोड को शामिल किया गया हो। जम्मू-कश्मीर इंजीनियरिंग मैन्युअल 2020 के तहत निविदा दस्तावेज तैयार किया जाना चाहिए। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से ही काम को आवंटित किया जाएगा। सक्षम प्राधिकरण से तकनीकी मंजूरी के बाद ही सफल बिडर को काम आवंटित होगा। विवाद मुक्त भूमि का प्रमाणपत्र न होने पर चीफ इंजीनियर, डेवलपमेंट कमिश्नर, एसई और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर निर्माण कार्य की मंजूरी नहीं देंगे। सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के सभी इंजीनियरों को सर्कुलर के तहत दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है। उल्लेखनीय है कि भूमि अधिग्रहण के मामले कोर्ट में लंबित होने के अलावा अन्य कई वजहों से परियोजनाओं में लेटलतीफी होती रही है।
विज्ञापन