वाह! अमेरिकी तकनीक से बढ़ाएंगे सेब की गुणवत्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत में सेब की बेहतर गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 1-एमसीपी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में इस तकनीक को ट्रायल के तौर पर टेस्ट करने के आदेश दिए हैं।
बैठक में बताया गया कि अमेरिका में सेब की 80 फीसदी पैदावार की गुणवत्ता बनाए रखने में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पेटेंट हो चुकी इस तकनीक को शेरे कश्मीर कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय ट्रायल के तौर पर टेस्ट करेगा।
किसान करेंगे इसका इस्तेमाल
यदि यह कामयाब हुआ तो किसान इसी तकनीक का सेब की गुणवत्ता को बनाए रखने में इस्तेमाल करेंगे ताकि नान कंट्रोल्ड रूम टैंपरेचर एनवायरनमेंट में सेब की गुणवत्ता कायम रखते हुए दुगना लाभ मिल सके।
बैठक में इस तकनीक पर रिसर्च करने वाले यू एस की रुतगर यूनिवर्सिटी के कश्मीरी वैज्ञानिक प्रोफेसर नजीर भी शामिल थे, जिन्होंने इसके बारे जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अमेरिका इस तकनीक से सेब को बचा रहा है तो हमे भी करना चाहिए। इस तकनीक से सेब को अधिक तापमान से बचाया जा सकता है।
गौरतलब है कि रियासत में करीब 16.5 लाख मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है, इसमें से 35 प्रतिशत ही उच्च गुणवत्ता का होता है, जिसे निर्यात किया जाता है।