अमर उजाला संवाद: नशे से युवाओं को बचाने के लिए मस्जिदों-मंदिरों से हो रही अपील, डीआईजी शक्ति पाठक ने रखी राय
अमर उजाला संवाद में डीआईजी शक्ति पाठक ने कहा कि नशे तस्करों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। समाज में नशे को खत्म करने के लिए आम जनता को भी आगे आना होगा।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मुस्तैद है, बल्कि नशे से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए भी कमर कसकर काम कर रही है। इसके लिए मस्जिदों व मंदिरों से नशे से दूर रहने की अपील कराई जा रही है। यह कहना है डीआईजी शक्ति पाठक का।
वह अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। डीआईजी का कहना है कि आज नशे की सबसे बड़ी समस्या सामने खड़ी है। इससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। कई वजहों से युवा इस दुष्चक्र में फंसकर खुद को बर्बाद कर रहे हैं। इससे कई परिवार भी तबाह हो गए हैं।
कई बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, विवाहिताएं विधवा हो गई हैं तथा परिवार के सहारे की लाठी टूट गई है। उनके अनुसार पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन सबसे जरूरी है कि जब तक समाज नहीं जगेगा तब तक इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल सकता।
इसके लिए पुलिस ने समाज के प्रबुद्ध लोगों से राय मशविरा किया। यह तय किया गया कि इसमें समाज के सभी वर्गों की भूमिका सुनिश्चित कराई जाए। सबसे पहले मस्जिदों व मंदिरों से अपील कराने का फैसला किया गया। इसके तहत जम्मू, सांबा व कठुआ में एलान भी शुरू हो गया है।
उम्मीद है कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। पुलिस का प्रयास होता है कि युवा पीढ़ी को दलदल से बचाया जा सके। यदि एक बार उस पर कोई मुकदमा हो गया तो उसकी जिंदगी तबाह हो जाएगी। इसलिए काउंसिलिंग पर ज्यादा जोर दिया जाता है।
सांबा के गुड़ा सलाथिया में द्वारी योजना को दोबारा शुरू किया गया है। इसमें समाज के अलग-अलग वर्ग के लोगों के लिए अलग-अलग कैप्सूल कोर्स तैयार किए गए हैं। कोशिश है कि समाज के इंफ्लूएंसर ग्रुप को नशा मुक्ति अभियान से जोड़ा जा सके।
जैसे डोडा का चिराग कोतवाल इंडियन आइडल का उपविजेता रहा है। उसको भी जोड़ा जाए। प्रयास है कि युवाओं के आइकन चाहे वह किसी भी क्षेत्र का हो उसे जोड़कर युवाओं को प्रेरित किया जाए।
कट्टरवाद के दलदल में फंसने से रोकने के लिए पुलिस सोशल मीडिया का सहारा ले रही
डीआईजी ने कहा कि जम्मू, कठुआ, सांबा रेंज में युवाओं में कट्टरवाद बड़ी चुनौती है। इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। यह पता नहीं होता है कि किस सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कट्टरता का बीज बोया जा रहा है।
इसके लिए सोशल मीडिया साइट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। हर साइट्स को सर्विलांस पर रखा जाता है ताकि कहीं से भी कट्टरता की बात सामने न आने पाए। ऐसे तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है जो समाज में वैमनस्यता का बीज बो सकते हैं।
ओजीडब्ल्यू नेटवर्क पर नजर, कठुआ-सांबा-जम्मू में कोई आतंकी संगठन सक्रिय नहीं
डीआईजी बोले कि मौजूदा समय में आतंकवाद भी बड़ी चुनौती है। हालांकि कठुआ-सांबा-जम्मू में कोई आतंकी संगठन सक्रिय नहीं है, लेकिन ओजीडब्ल्यू का नेटवर्क है। सीमा पार से आतंकी गतिविधियां होती रहती हैं।
ड्रोन ड्रॉपिंग के मामले भी बढ़े हैं। यह सारी हरकत ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के जरिये संचालित हो रहा है। पुलिस के पास इनकी पूरी लिस्ट है और ऐसे लोगों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए हर जिले में व्यवस्था बनाई गई है।