सेना के ऑपरेशन 'मां' को मिल रही सफलता, लश्कर के एक और आतंकी ने किया समर्पण
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कश्मीरी युवाओं को मुख्यधारा में शामिल करने में जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक और सफलता मिली है। पुलिस के प्रयास से लश्कर-ए-तइबा के एक आतंकी ने गुरुवार को समर्पण किया। बता दें कि पांच दिन पहले हिजबुल आतंकी ने श्रीनगर में बीएसएफ के सामने सरेंडर किया था।
पुलिस ने दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा इलाके के एक युवक को आतंकवाद की राह से मुख्यधारा में शामिल कराया है। पुलिस ने बताया कि यह युवा करीब 25 दिन पहले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तइबा में शामिल हुआ था। उसका परिवार उसे आतंक के चंगुल से वापस लाना चाहता था। परिवारवालों के आग्रह पर पुलिस के एक आला अधिकारी पिछले कुछ समय से उसके संपर्क में थे। आखिरकार गुरुवार को उन्हें सफलता मिली। सुरक्षा कारणों से युवक की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ऑपरेशन मां
इससे पहले सात दिसंबर को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मुजफ्फर अहमद वानी ने बीएसएफ के कश्मीर फ्रंटियर के आईजी के सामने समर्पण किया था। वह पुलवामा जिले के बराव बंदीना का रहने वाला है।
सेना के ऑपरेशन मां से 50 से अधिक युवाओं की वापसी
सेना की ओर से भटके युवाओं को घर लाने के लिए ऑपरेशन मां चलाया गया है। इसके तहत सेना उन परिवारवालों तक पहुंच रही है जिनके बच्चे आतंकवाद की राह पर निकल चुके हैं। इस ऑपरेशन में अब तक 50 से अधिक कश्मीरी युवाओं को आतंक के रास्ते से वापस लाने में सफलता मिल चुकी है। सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों और डीजीपी दिलबाग सिंह लगातार स्थानीय युवाओं से आतंकवाद का रास्ता छोड़ने की अपील कर रहे हैं।