{"_id":"612931728ebc3e885f25a893","slug":"animal-death-billawer-news-jmu2424277185","type":"story","status":"publish","title_hn":"करंट लगने से मवेशी की मौत, मुआवजे की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करंट लगने से मवेशी की मौत, मुआवजे की मांग
विज्ञापन
तेज करंट की चपेट में आने से मृत मवेशी, संवाद।
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलावर। उपमंडल के दूरदराज दियौता गांव में करंट लगने से एक मवेशी की मौत हो गई। जिस पर पशुपालक ने बिजली विभाग से उसके नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। यह हादसा शुक्रवार सुबह हुआ, जब कई पशु गांव के साथ जंगल में चर रहे थे।
पशुपालक जगदीश कुमार मिस्त्री ने बताया कि हर रोज की तरह शुक्रवार को भी उन्होंने अपने पशुओं को जंगल की तरफ चरने के लिए छोड़ा था। लेकिन, गांव के लिए लगाई गई लाइन के तार क्षतिग्रस्त होने और जमीन पर गिरने से उनका दुधारू पशु करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। जब इस घटना का पता उन्हें चला तो उन्होंने संबंधित लाइनमैन को फोन लगाकर बिजली लाइन को कटवाया। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। कई अन्य पशु भी लाइन के पास चर रहे थे। गनीमत रही कि वे करंट की चपेट में नहीं आए।
जगदीश कुमार ने कहा कि वह अपनी जीविका पशुपालन के सहारे चलाते थे। लेकिन, दुधारू पशु की मौत होने के बाद उनका बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने बिजली विभाग से मांग की है कि उनके नुकसान का आकलन किया जाए और उन्हें सहायता राशि प्रदान की जाए। इस संदर्भ में बिजली विभाग के एईई अश्विनी कुमार ने बताया कि इंसुलेटर के क्षतिग्रस्त होने से बिजली के तार टूट गए थे, जिन्हें जल्द ठीक कर दिया जाएगा। जिस पशुपालक का नुकसान हुआ है, सरकार की ओर से उसे मुआवजा देने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पशुपालक जगदीश कुमार मिस्त्री ने बताया कि हर रोज की तरह शुक्रवार को भी उन्होंने अपने पशुओं को जंगल की तरफ चरने के लिए छोड़ा था। लेकिन, गांव के लिए लगाई गई लाइन के तार क्षतिग्रस्त होने और जमीन पर गिरने से उनका दुधारू पशु करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। जब इस घटना का पता उन्हें चला तो उन्होंने संबंधित लाइनमैन को फोन लगाकर बिजली लाइन को कटवाया। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। कई अन्य पशु भी लाइन के पास चर रहे थे। गनीमत रही कि वे करंट की चपेट में नहीं आए।
विज्ञापन
जगदीश कुमार ने कहा कि वह अपनी जीविका पशुपालन के सहारे चलाते थे। लेकिन, दुधारू पशु की मौत होने के बाद उनका बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने बिजली विभाग से मांग की है कि उनके नुकसान का आकलन किया जाए और उन्हें सहायता राशि प्रदान की जाए। इस संदर्भ में बिजली विभाग के एईई अश्विनी कुमार ने बताया कि इंसुलेटर के क्षतिग्रस्त होने से बिजली के तार टूट गए थे, जिन्हें जल्द ठीक कर दिया जाएगा। जिस पशुपालक का नुकसान हुआ है, सरकार की ओर से उसे मुआवजा देने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन