हक के लिए उलझ गईं आंगनबाड़ी कार्यकत्री
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प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्करों ने प्रेस क्लब से ज्यूल चौक तक विरोध रैली निकालने का प्रयास किया। वहीं पुलिस कर्मियों की घेराबंदी होने के कारण आंगनबाड़ी वर्कर्स बाहर नहीं निकल पाए।
इस दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स और पुलिस कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी वर्करों की मांग है कि पुडुचेरी और तमिलनाडु सरकारों की तर्ज पर राज्य के आंगनबाड़ी वर्कर को भी सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाना चाहिए।
15 हजार वेतन की है मांग
वहीं बढ़ती महंगाई को देखते हुए आंगनबाड़ी वर्कर की तनख्वाह को पंद्रह हजार रुपये तक किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि राज्य में वर्कर्स के लिए पेंशन स्कीम, ग्रैज्युटी एक्ट, इपीएफ स्कीम और अन्य योजनाओं को भी लागू किया जाए।
जिससे राज्य के आंगनबाड़ी वर्कर्स की स्थिति में सुधार हो सके। संभाग के विभिन्न स्थानों से काफी संख्या में आंगनबाड़ी वर्करों ने हिस्सा लिया, जिसमें राजोरी, सुंदरबनी, रामबन, बसोहली, बरनोटी, डोडा, सांबा, बिलावर, मजालता शामिल है।
प्रदर्शन के दौरान अशोक चौधरी, नीलम शर्मा, स्वर्णा, लक्ष्मण रविंद्र सिंह, कौशल्या, कमलेश, सोमा, अंजू, अनीता, नरेश, सुरेख और अन्य सदस्य शामिल थे।