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9 माह में बांट दिए 8018 करोड़, पढ़ें खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 24 Feb 2015 04:04 PM IST
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रियासत में कार्यरत सभी बैंकों ने पिछली तीन तिमाही में 11,300.29 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया, जो वित्तीय वर्ष के लक्ष्य का 57 फीसदी है। इसमें से अकेले जेएंडके बैंक ने 8018.53 करोड़ रुपये का ऋण बांटा जो रियासत में सक्रिय 46 बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा वितरित ऋण का 71 फीसदी है। रियासत के बैंकों का सीडी रेसियो पिछली तीन तिमाही में 46.07 फीसदी रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष में इस कार्यकाल में 40.80 फीसदी था।
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उक्त जानकारी जेएंडके बैंक के चेयरमैन सह सीईओ मुश्ताक अहमद ने एसएलबीसी की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए दी। हालांकि इस बैठक के मुख्य मेहमान चीफ सेक्रेटरी मोहम्मद इकबाल खांडे थे, लेकिन वे किन्हीं कारणों से पहुंच नहीं पाए। बैठक में योजना एवं विकास के प्रमुख सचिव बीआर शर्मा, रिजर्व बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक डी सेठी, नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर शंकर ए पांडे, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के उप सचिव (वित्त सेवा विभाग) एके डोगरा के अलावा तमाम वित्तीय संस्थानों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।
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एसएलबीसी के संयोजक मुश्ताक अहमद ने बैंकों की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए कहा कि रियासत के संपूर्ण आर्थिक विकास के क्रम में पिछली तीन तिमाही में बैंकों ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। मुश्ताक ने कहा, ‘समावेशी विकास के लिए वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन देने हमेशा हमारी प्राथमिकता रही है। अभी भी जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बैंकिंग फोल्ड में नहीं हैं, उन्हें लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम जन धन योजना को राष्ट्रीय अभियान के रूप में घोषित किए जाने के बाद इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बैंकों ने रियासत में सक्रिय बैंकों ने 31 जनवरी 2015 तक 12.35 लाख नए अकाउंट खोले हैं। साथ ही 6.93 लाख लाभार्थियों को रुपये डेबिट कार्ड प्रदान किए गए। प्रमुख सचिव (योजना) बीआर शर्मा ने आवास और शिक्षा के क्षेत्र में कमजोर ऋण वितरण पर चिंता जताते हुए कहा कि बैंकों को इस मुद्दे पर लोगों को जागरूक करना चाहिए। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।