Earthquake: लेह में आया भूकंप, रिक्टर स्केल पर 4.2 मापी गई तीव्रता; घरों से बाहर निकले लोग
रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप शाम 5.38 बजे आया।
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लद्दाख के लेह में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप शाम 5.38 बजे आया। भूकंप के कंपन से घबराकर लोग अपने अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल पड़े। फिलहाल कहीं से किसी तरह के जान माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आ रही है।
EQ of M: 4.2, On: 01/04/2025 17:38:42 IST, Lat: 35.37 N, Long: 76.93 E, Depth: 10 Km, Location: Leh, Ladakh.
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For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @Ravi_MoES @Dr_Mishra1966 @ndmaindia pic.twitter.com/NxHgIetw4y— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) April 1, 2025
कैसे आते हैं भूकंप?
पृथ्वी जितनी बाहर शांत और स्थिर नजर आती है, उतनी ही उसके भीतर हमेशा उथल-पुथल मची रहती है। भूगर्भीय प्लेटें टकराती रहती हैं, जिसकी वजह से हर साल अलग-अलग देशों में भूकंप आते हैं। कई भूविज्ञान विशेषज्ञों के मुताबिक, हमारी पृथ्वी टेक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ (लावा) होता है। यह प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। जब यह प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो ऊर्जा निकलती है, जिसकी वजह से भूकंप आता है।
क्यों मचती है तबाही?
धरती के नीचे स्थित भूगर्भीय प्लेटें बहुत धीमी गति से घूमती रहती हैं। यह हर वर्ष अपने स्थान से 4-5 मिमी तक खिसकती हैं। इस दौरान कुछ प्लेटें एक-दूसरे से दूर हो जाती है। इसके साथ ही कुछ एक के नीचे सरक जाती हैं, जिनके खिसकने और टकराने की प्रक्रिया की वजह से ही भूकंप आता है। जिस स्थान पर धरती के अंदर चट्टानें टूटती या टकराती हैं, वह स्थान भूकंप का केंद्र होता है। इसे हाइपोसेन्टर कहते हैं।
इस केंद्र से भूकंप की ऊर्जा तरंगों के रूप में फैलती हैं। तरंगों के धरती के सतह तक पहुंचने पर कंपन महसूस होता है। जिस स्थान पर यह यह ऊर्जा सतह को काटती है, उसे एपिसेंटर कहा जाता है। यह स्थान भूकंप के सबसे नजदीक और यहां पर प्रभाव पड़ता है।